रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन की सेना को एक नई तकनीकी चुनौती का सामना करना पड़ा है। एलन मस्क की कंपनी SpaceX की सैन्य सैटेलाइट सेवा Starshield में आई रुकावट के कारण यूक्रेनी सेना के ड्रोन ऑपरेशन प्रभावित हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, संचार संपर्क टूटने से 10 लाख डॉलर से अधिक कीमत के ड्रोन बर्बाद हो गए।
बता दें कि ये ड्रोन रूसी सैन्य ठिकानों और दूसरे रणनीतिक लक्ष्यों की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन अचानक इनका वीडियो फीड बंद हो गया और ऑपरेटरों का संपर्क टूट गया। इसके बाद कई ड्रोन आसमान से गिर गए। इस घटना ने यूक्रेन की सेना के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि युद्ध के दौरान ड्रोन निगरानी, हमले और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
Starshield में रुकावट से कैसे प्रभावित हुए ड्रोन?
Starshield अमेरिकी सरकार के लिए विकसित की गई सैन्य स्तर की सैटेलाइट संचार सेवा है। यह SpaceX के Starlink नेटवर्क से जुड़ी तकनीक पर आधारित है, लेकिन इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सरकारी और रक्षा संबंधी जरूरतों के लिए किया जाता है। यूक्रेनी सेना इसका उपयोग कुछ सैन्य ड्रोन के संचार, नियंत्रण और ऑपरेशन के दौरान संपर्क बनाए रखने के लिए करती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह इस सेवा में अचानक आई पाबंदियों के कारण यूक्रेन के कई ड्रोन अपना सैटेलाइट कनेक्शन खो बैठे। ड्रोन की उड़ान के दौरान वीडियो फीड बंद होने से उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। कुछ ड्रोन लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गए, जबकि कई सैन्य मिशन रोकने पड़े।
इसका असर केवल हमलावर ड्रोन पर ही नहीं पड़ा, बल्कि रूसी ड्रोन को रोकने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन की क्षमता पर भी पड़ा। ये ड्रोन तेजी से उड़ने वाले हमलावर ड्रोन को रोकने में मदद करते हैं। ऐसे में संचार में रुकावट आने से यूक्रेन की हवाई सुरक्षा के सामने भी मुश्किलें पैदा हुईं।
यह भी पढ़ें: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ी अपडेट, मार्को रुबियो ने दिए जल्द समझौते के संकेत
10 लाख डॉलर से ज्यादा के ड्रोन का नुकसान
यूक्रेनी सैन्य कमांडर की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, Starshield का कनेक्शन टूटने से 10 लाख डॉलर से ज्यादा कीमत के ड्रोन खो गए। भारतीय मुद्रा में यह रकम 9 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है, हालांकि सटीक राशि डॉलर-रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करेगी।
इन ड्रोन का इस्तेमाल रूसी सैन्य ठिकानों, कमांड पोस्ट और ईंधन से जुड़े ठिकानों पर हमले करने के लिए किया जाता था। ड्रोन ऑपरेशन में संचार संपर्क बेहद अहम होता है, क्योंकि इसके जरिए ऑपरेटर उड़ान के दौरान ड्रोन की स्थिति देख सकते हैं और जरूरत के मुताबिक उसकी दिशा बदल सकते हैं।
यूक्रेन के लिए यह नुकसान इसलिए भी अहम है, क्योंकि ड्रोन युद्ध के मैदान में सैनिकों की निगरानी, दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने और हमले करने का अपेक्षाकृत कम खर्चीला तरीका बन चुके हैं। ऐसे में महंगे ड्रोन खोने के साथ-साथ मिशन रुकने का असर सैन्य रणनीति पर भी पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें: रूसी तेल खरीदने पर 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर ट्रंप की रोक, भारत समेत कई देशों को राहत का दावा
एलन मस्क ने क्या कहा?
SpaceX के प्रमुख एलन मस्क ने कहा कि Starshield सिस्टम अमेरिकी सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण में हैं। उनके मुताबिक, इस सेवा के इस्तेमाल या गति पर किसी तरह की सीमा लगाने का फैसला अमेरिकी सेना और अंततः अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आता है।
Starshield और Starlink के बीच अंतर समझना भी जरूरी है। Starlink एक व्यावसायिक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, जिसका इस्तेमाल आम नागरिक और संस्थान करते हैं। वहीं, Starshield को विशेष रूप से अमेरिकी सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों के लिए विकसित किया गया है।
यह भी पढ़ें: नागपुर में RSS का विजयदशमी उत्सव, रेशिमबाग मैदान में मोहन भागवत ने किया शस्त्र पूजन
इसके अलावा अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इस मामले में अलग-अलग बयान सामने आए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि सेवा पर लगी पाबंदियों का आदेश अमेरिकी प्रशासन के भीतर से आया था, जबकि अमेरिकी सरकार की ओर से जानबूझकर यूक्रेन की सेवा रोकने के दावों से इनकार किया गया। इस वजह से यह स्पष्ट नहीं है कि शुरुआती व्यवधान के लिए अंतिम जिम्मेदारी किसकी थी।
यह भी पढ़ें: होर्मुज में 24 घंटे के भीतर 2 जहाज डूबे! समंदर में तैरते कंटेनर लूटने पहुंचे लोग, ईरान बोला- यह वर्ल्ड वॉर
Starshield विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद की खबरें आ रही हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूस की तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों और युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रशासन के रुख के बीच दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा है।
कुछ यूक्रेनी अधिकारियों को आशंका है कि सैटेलाइट सेवा पर लगी पाबंदियां राजनीतिक दबाव का हिस्सा हो सकती हैं। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने जानबूझकर यूक्रेन की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में इस मामले के तकनीकी और राजनीतिक पहलुओं को अलग-अलग समझना जरूरी है।





