अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया गया, अंतिम विदाई में उमड़े लाखों ईरानी

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। कई दिनों तक चले अंतिम संस्कार समारोह के बाद लाखों लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी, जबकि देशभर में शोक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले।

Palak Gupta

10 जुलाई 2026

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अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया गया, अंतिम विदाई में उमड़े लाखों ईरानी

ईरान के सर्वोच्च लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे पर आज पूरा ईरान उमड़ उठा है। मृत्यु के 4 महीने बाद ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई मशहद में सुपुर्द-ए-खाक हुए। अयातुल्ला अली खामेनेई का जनाजा मीलों चलकर, सभी की अंतिम विदाई के साथ मशहद स्थित इमाम रजा की दरगाह में दफनाया गया।

खामेनेई की मौत का कारण अमेरिकी हवाई हमला है, जिसके बाद से ईरान अमेरिका पर जोरों से भड़का हुआ है। अमरीकी हमले के बाद खामेनेई की मौत की खबर को सुन पूरा ईरान खून के आंसू बहा रहा था, बताया जा रहा है कि खामेनेई की मौत के बाद पूरे एक सप्ताह तक शोक जुलुस और अन्य संभावनाएं आयोजित की गयी थी।

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कौन थे अयातुल्ला अली खामेनेई ?

अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के लंबे समय तक पद पर रहे पूर्व सुप्रीम लीडर थे। उन्होंने साल 1989 में ईरान के पहले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद यह पद संभाला और लगभग 37 सालों तक देश को संभाला। इस समय से पहले खामेनेई 1981 से 1989 तक ईरान के राष्ट्रपति थे।

ईरान की राजनीतिक व्यवस्था खामेनेई के समय में काफी शक्तिशाली मानी जाती थी। वहीं खामेनेई का पद सबसे ज्यादा अहम माना जाता है। देश से जुड़े सारे फैसले सुप्रीम लीडर के हाथ में ही होते हैं। ईरान में राष्ट्रपति और संसद के ऊपर का पद सुप्रीम लीडर माना जाता है। सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), विदेश नीतियों पर चर्चा करना और परमाणु कार्यक्रम जैसे मुख्य फैसलों पर आखरी अधिकार और अन्य डिशन्स भी खामेनई ही लेते थे। इसी वजह से अली खामेनेई को पिछले तीन दशकों से ईरान की राजनीति और विदेश नीति का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता था।

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था। हालांकि 24 फरवरी के अमेरिकी हमले के बाद इजराइली हमले पर भी मोजतबा खामेनेई किसी प्रकार के सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए और न ही उन्होंने अभी तक ईरान के राजनीतिज्ञ में किसी प्रकार की पहल नहीं दिखाई है।

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बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को कई लोग ईरान की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ भी बताते है। अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने कई अन्य देशों से द्वेष के साथ मध्य पूर्व में मुख्य रोल निभाया है इसी कारण उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। आज के दिन को यादगार बनाने हेतु लाखों लोगों की भीड़ अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए खड़ी थी। मशहद की सड़कों पर लाखों लोग जुटे। उनके हाथों में ईरान के राष्ट्रीय ध्वज और अपने दिवंगत नेता अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीरें थीं। इसके साथ ही अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कई दिनों से चल रहे शोक कार्यक्रमों का समापन हो गया।

मशहद में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाखों लोग सड़कों पर उमड़े।

बेटे नहीं हुए जनाजे में शामिल

अयातुल्ला अली खामेनेई को दफ़नाने की प्रक्रिया में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई शामिल नहीं हुए। कई ईरानी मीडिया एजेंसियां बता रही है कि मोजतबा खामेनेई शनिवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आ सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोजतबा खामेनेई हजरत मासूमेह दरगाह में अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की शोकसभा की अगुवाई करेंगे।

अयातुल्ला खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों की शुरुआत 3 जुलाई से हो गई थी। पहले उनके साथ परिवार के अन्य सदस्यों के शवों को तेहरान के प्रसिद्ध ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स ले जाया गया, जहां आम जनता और गणमान्य लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। कई रिपोर्ट्स में बताया गया था कि अमेरिका के इस हवाई हमले में सिर्फ अयातुल्ला अली खामेनेई की ही जान नहीं गई बल्कि उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। इन हमलों में मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.