अमेरिका-ईरान के तनाव ने बाकी अन्य देशों को झुंझला दिया है। पिछले कई दिनों से अमेरिका ईरान के नए-नए इलाकों को निशाना बना रहा है। पिछले हफ्ते से अमरीकी सेना ने ईरान के ज्यादातर सैन्य ठिकानों पर हमला कर ईरान के बुनियादी ढांचों को काफी चोट पहुंचाई है। हाल ही में अमरीकी सेना ने ईरान के ऐसी जगहों पर हमला किया जिसमें पुल, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट का एक कंट्रोल टावर निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया।
ईरान में शहरों में धमके की आवाज़े दूर तक गूंज रही थी जिसकी ईरानी मिडिया ने भी कन्फ़र्मेशन किया। हमले का जवाब देते हुए ईरान ने कुवैत, क़तर, बहरीन और जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागी। ईरानी संसद ने कहा कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो हम उसका जवाब कुवैत और बहरीन में घुसकर देंगे। उन्होंने अमेरिका की उस कथित धमकी का भी जिक्र किया, जिसमें खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की बात कही गई थी।
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ईरानी हमलों में कुवैत के कई सैनिक घायल
कुवैत की सेना ने बताया कि ईरानी हमलों में उसकी जमीनी सेना के कई सैनिक घायल हुए हैं। हमलों में कई सैन्य ठिकानों और शिविरों को निशाना बनाया गया। कुवैत के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल खालिद दिरज साद अल-शरियान ने घायल सैनिकों से मुलाकात कर उनके इलाज की व्यवस्था की समीक्षा की। कुवैती सेना ने फिलहाल घायलों की संख्या या हमलों से हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किया है।
हमलों के बीच ईरान ने की बिजली बचाने की अपील
अमेरिका के भीषण हमलों को देख ईरान ने लोगों से बिजली की बचत करने की दरख्वास्त की है। ईरान का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका बिजली ढांचे को निशाना बना सकता है। यह अपील ईरान ने दक्षिण राज्यों में रहने वाले लोगों से की है। ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि दक्षिणी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। इसके साथ ही बिजली नेटवर्क पर हुए हमलों की वजह से बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ गया है।
मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे कम से कम बिजली इस्तेमाल करें। ईरान की सरकारी बिजली कंपनी तवानिर ने बताया कि हालिया हमलों के बाद ईरान की करीब 4,200 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है और देशभर में बिजली ढांचे के 2,000 से ज्यादा स्थानों को नुकसान पहुंचा है।उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र को अब तक 60 ट्रिलियन तोमान (करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर) से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हो चुका है।
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एक ही जगह पर 4 बार हुआ हमला
अमेरिका ने पिछले हफ्ते में ईरान के चाबहार पोर्ट के टावर पर चौथी बार हमला किया है। इस शुक्रवार को भी ईरानी समाचार एजेंसी ने चाबहार पोर्ट और कंट्रोल टावर पर अमेरिकी हमले की पुष्टि की थी। इसके अलावा अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने टावर के सुरक्षित होने की तस्वीरें भी शेयर की। अमेरिका सेंट्रल कमांड ने बयान दिया कि अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट और ड्रोन्स की भारी बारिश कर ईरान के कई सैन्य ठिकानों को लपेटा। इसके अलावा तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
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भारत पर भी पड़ सकता है असर
चाबहार पोर्ट भारत की सबसे महत्वपूर्ण विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक माना जाता है। भारत ने इस बंदरगाह के विकास में बड़ा निवेश किया है, ताकि पाकिस्तान को बाईपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच बनाई जा सके। अगर चाबहार पोर्ट या उसके आसपास लंबे समय तक अस्थिरता बनी रहती है, तो भारत की व्यापारिक योजनाओं, माल ढुलाई और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर असर पड़ सकता है। हालांकि भारतीय अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




