दिल्ली में आयोजित AI समिट 2026 के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर से युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस उन्हें अपने साथ दिल्ली ले गई है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल भी गरम हो गया है और परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार 20 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट 2026 का आयोजन किया गया था। इसी दौरान युवक कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि करीब 15 से 20 कार्यकर्ता अचानक मंच के पास पहुंच गए और विरोध जताने लगे।
उनके हाथों में सफेद टी-शर्ट थी जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर छपी थी। टी-शर्ट पर “PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड” लिखा हुआ था। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए हलचल भी मच गई।
इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर दिल्ली पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। इसी सिलसिले में ग्वालियर से जितेंद्र यादव को हिरासत में लिया गया।
जितेंद्र यादव के पिता केशव यादव ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि देर रात करीब डेढ़ बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे। उस समय परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोग वर्दी में थे जबकि कुछ सादे कपड़ों में थे। वे लोग बिना ठीक से जानकारी दिए घर के अंदर आ गए और सीधे जितेंद्र के कमरे में पहुंच गए।
परिवार के अनुसार पुलिसकर्मियों ने जितेंद्र को नीचे लाते समय थप्पड़ भी मारे। जब उनसे पूछा गया कि वे कौन हैं, तो किसी ने खुद को यूनिवर्सिटी थाना पुलिस बताया तो किसी ने क्राइम ब्रांच का कर्मचारी बताया। इसके बाद वे जितेंद्र को दिल्ली नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए।
केशव यादव का कहना है कि उन्हें अब तक साफ जानकारी नहीं दी गई है कि उनके बेटे को कहां ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि जब वे कुछ स्थानीय नेताओं के साथ थाने पहुंचे तो उन्हें बेटे से मिलने भी नहीं दिया गया। केवल मोबाइल फोन पर थोड़ी देर बात कराई गई और बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है।
परिवार का यह भी कहना है कि अगले दिन सुबह फिर कुछ लोग उनके घर आए और घर के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। बाद में फोन वापस कर दिए गए और जितेंद्र के कपड़े मांगे गए। इसके बाद वे चले गए। परिवार अभी भी बेटे की सही स्थिति को लेकर परेशान है।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी इस मामले में सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि पुलिस ने बिना स्पष्ट जानकारी दिए घर में प्रवेश किया और परिवार को परेशान किया। उनका कहना है कि मामले में पारदर्शिता होनी चाहिए और परिवार को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।
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फिलहाल दिल्ली पुलिस वीडियो के आधार पर आगे की जांच कर रही है और प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।










