ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी में उछाल – सोना 2% महंगा, चांदी ₹16,000 ऊपर

नई योजना के लागू होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इससे सेवाएं पहले से ज्यादा आसान और सुलभ होंगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम आने वाले समय में व्यवस्था को और मजबूत बना सकता है।
Iran Tension Gold Silver Price Surge 2026

अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ भारत के घरेलू कमोडिटी बाजार में भी सोना और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सोमवार 23 फरवरी को कीमती धातुओं के दाम में अचानक बड़ा उछाल दर्ज किया गया।

सोने की कीमत में करीब 2 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि चांदी के दाम में भारी बढ़त देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर में कमजोरी और वैश्विक तनाव के कारण निवेशक फिर से सोना और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।

कमोडिटी बाजार Multi Commodity Exchange यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। अप्रैल डिलीवरी वाला सोना लगभग 3,700 रुपये बढ़कर करीब 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी में भी जबरदस्त तेजी देखी गई और इसका भाव करीब 15,900 रुपये बढ़कर लगभग 2,68,875 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।

यहां आज के सोने के संभावित दाम (24 कैरेट, 10 ग्राम के आसपास बाजार रुझान के अनुसार) प्रमुख शहरों में इस प्रकार देखे जा रहे हैं:

दिल्ली – लगभग ₹1,61,000

मुंबई – लगभग ₹1,60,800

चेन्नई – लगभग ₹1,61,300

कोलकाता – लगभग ₹1,60,900

बेंगलुरु – लगभग ₹1,61,100

हैदराबाद – लगभग ₹1,60,900

लखनऊ – लगभग ₹1,61,200

जयपुर – लगभग ₹1,61,000

पटना – लगभग ₹1,61,100

अहमदाबाद – लगभग ₹1,60,800

नोट: अलग-अलग ज्वेलर्स, टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण शहरों में कीमतों में थोड़ा फर्क हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुख देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत करीब 2 प्रतिशत बढ़कर लगभग 5,184 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वहीं चांदी की कीमत में भी लगभग 6 प्रतिशत का उछाल आया और यह करीब 87 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखाई दी।

बाजार के जानकारों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने से अन्य देशों की मुद्रा में सोना और चांदी खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ जाती है।

डॉलर इंडेक्स में करीब 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 97 के स्तर पर आ गया। इसी वजह से निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की तरफ बढ़ा है। जब भी वैश्विक आर्थिक या राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्प चुनते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी इस तेजी का एक बड़ा कारण है। हाल ही में अमेरिका की ओर से ईरान को कड़ी चेतावनी दी गई थी, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई। इस तरह की स्थिति में निवेशक शेयर बाजार या जोखिम वाले निवेश से हटकर सुरक्षित विकल्पों की तलाश करते हैं।

कमोडिटी बाजार के विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो इन धातुओं की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बदलाव जैसी चीजें इस तेजी को कुछ हद तक सीमित भी कर सकती हैं।

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बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने हुए हैं। यही कारण है कि जैसे ही दुनिया में किसी तरह की आर्थिक या राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, इन धातुओं की मांग अचानक बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी आ जाती है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो वैश्विक तनाव, डॉलर की कमजोरी और निवेशकों की बदलती रणनीति के कारण फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में भी इनकी कीमतों में हलचल बनी रहने की संभावना है।

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