बिहार में मुन्ना भाई नेटवर्क पुलिस द्वारा पकड़ा गया है। यह लोग अपने नकली बच्चे भेज कर असली बच्चों की जगह बिठा देते थे और उनसे परीक्षा दिलवाते थे। इस केस में 24 लोग पकड़े गए हैं जिनमें से पांच स्टूडेंट है और 14 किसी कंपनी में काम करते हैं। यह गैंग बिहार में पकड़ा गया है जो नीट एग्जाम में बच्चों को चीटिंग करवाता था।
पुलिस ने जब पूछताछ की तो पता चला एक लड़का अर्पित राज जो अन्नपूर्णा नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में पढ़ता था वह इस गैंग का मेंन लीडर था। अर्पित राज से काफी सवाल पूछे गए कैसे उन्होंने नीट के पेपर में दूसरे बच्चों को बिठाया किस से जुड़े काफी सारे सवाल पूछे गए।
इंडिया के काफी एग्जाम इसी दौरान होते हैं और किसी को कुछ पता नहीं चलता मुन्ना भाई गैंग भी तभी पकड़ा गया जब नीट के एग्जाम में बहुत ज्यादा सुरक्षा करवाई गई उससे पहले ऐसी चीज पकड़ी नहीं गई थी। यह बताता है कि इंडिया का एजुकेशन सिस्टम कितना ढीला है जहां एक एग्जाम भी अच्छे से नहीं हो सकता उसमें भी चीटिंग जैसी चीज सामने आती है।
मुन्ना भाई गैंग बिहार में पकड़ा गया है जो बच्चों की अदला बदली करके एग्जाम में बैठता है और पेपर दिलवाते हैं पता चला है कि यह बच्चे मेडिकल कॉलेज के ही है और इससे पहले कभी पकडे नहींगए।
पुलिस ने बताया कैसे यह लोग बच्चों की अदला-बदली करके एग्जाम में बैठते हैं और एग्जाम देते हैं। पुलिस ने अभी बताया कि सबसे पहले मयंक कश्यप जो बायोमेट्रिक कंपनी में काम करता था वह पकड़ा गया। मयंक से पूछताछ करने के बाद इस पूरी गैंग का पता चला।
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जब मयंक को पकड़ा गया तो उसी के साथ उसके सात साथियों को भी पकड़ा गया। जब बहुत सारे सवाल किए गए तब पता चला की और भी मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट इस से सब चीजों में शामिल है। कई सारे बच्चे एम्स हैं कुछ रायबरेली से कुछ दिल्ली से और भी अलग जगह से बच्चे सब चीजों में लगे हुए थे। कितनी कड़ी सुरक्षा के बाद भी यह बच्चे असली एग्जाम देने वालों की जगह दूसरे बच्चे बैठा दिया करते थे इस बार इनका भांडा फूट गया।