व्रत में फलाहार के नाम पर कहीं ज्यादा कैलोरी तो नहीं खा रहे? वजन घटाने के लिए अपनाएं 8 जरूरी टिप्स

नवरात्रि में व्रत रखने वाले कई लोग सोचते हैं कि सामान्य खाना छोड़कर फलाहार करने से वजन अपने आप कम होने लगेगा। लेकिन साबूदाने की खिचड़ी, आलू की टिक्की, कुट्टू की पूरी, तली हुई मूंगफली, मीठी खीर और ड्राई फ्रूट्स शेक जैसी चीजें अगर ज्यादा मात्रा में खाई जाएं, तो दिनभर की कैलोरी जरूरत से ज्यादा हो सकती है। ऐसे में व्रत रखने के बावजूद वजन घटने के बजाय बढ़ भी सकता है।

Palak Gupta

14 अक्टूबर 2026

1 min read
व्रत में फलाहार के नाम पर कहीं ज्यादा कैलोरी तो नहीं खा रहे? वजन घटाने के लिए अपनाएं 8 जरूरी टिप्स

नवरात्रि में व्रत रखते समय कई लोग गेहूं की रोटी, सामान्य चावल और रोजाना खाए जाने वाले दूसरे खाद्य पदार्थों से दूरी बना लेते हैं। उनकी जगह फल, साबूदाना, आलू, कुट्टू-सिंघाड़े के आटे से बने पकवान, मखाने और ड्राई फ्रूट्स खाने लगते हैं। शुरुआत में लगता है कि खानपान बदल गया है, इसलिए वजन भी कम हो जाएगा। लेकिन कुछ दिनों बाद जब वजन में खास अंतर नहीं दिखता, तो सवाल उठता है कि आखिर गलती कहां हो रही है।

दरअसल समस्या व्रत में नहीं, बल्कि व्रत के दौरान की जाने वाली कुछ कॉमन गलतियों में छिपी होती है। कई लोग साबूदाना, आलू, कुट्टू, मूंगफली और व्रत स्पेशल स्नैक्स को हेल्दी मानकर जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। वहीं कुछ लोग दिनभर भूखे रहते हैं और शाम को एक साथ भरपेट भोजन कर लेते हैं।

अमृता मिश्रा, सीनियर डायटीशियन, दिल्ली के मुताबिक, व्रत में सबसे बड़ी गलती यह मान लेना है कि फलाहार में खाई जाने वाली हर चीज वजन घटाने में मदद करेगी। वजन कम करने के लिए भोजन की मात्रा, पोषण का संतुलन और दिनभर में ली जाने वाली कुल कैलोरी तीनों पर ध्यान देना जरूरी है।

फलाहार के नाम पर इन चीजों से बढ़ सकती हैं कैलोरी

साबूदाने की खिचड़ी: साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट देता है। इसे आलू, मूंगफली और ज्यादा तेल या घी के साथ बनाने पर एक प्लेट में कैलोरी काफी बढ़ सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि साबूदाना खाना गलत है, लेकिन मात्रा और बनाने का तरीका मायने रखता है।

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2. कुट्टू या सिंघाड़े की पूरी: व्रत में आटे की पूरी आम पसंद है, लेकिन तलने के दौरान इसमें तेल या घी की मात्रा बढ़ जाती है। रोजाना कई पूरियां खाने से कुल कैलोरी भी बढ़ सकती है।

3. आलू की टिक्की और पकौड़े: आलू अपने आप में ऊर्जा देने वाला खाद्य पदार्थ है। लेकिन जब उससे टिक्की या पकौड़े बनाकर तला जाता है, तो अतिरिक्त तेल भी भोजन का हिस्सा बन जाता है।

4. ड्राई फ्रूट्स शेक: दूध, केला, खजूर, काजू, बादाम और किशमिश से बना शेक पोषक तत्व दे सकता है। लेकिन इन सभी चीजों को एक साथ बड़ी मात्रा में लेने पर पेय काफी कैलोरी वाला हो सकता है। इसे हल्का पेय समझकर बार-बार पीना ठीक नहीं।

5. मखाने और मेवे: मखाने और मेवे व्रत के दौरान उपयोगी विकल्प हो सकते हैं, लेकिन इनमें घी, तेल, चीनी या गुड़ मिलाने और बिना मात्रा का ध्यान रखे खाते रहने से कैलोरी बढ़ सकती है।

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वजन घटाना है तो अपनाएं ये 8 जरूरी टिप्स

  • फल का जूस नहीं, पूरा फल खाएं

व्रत में भूख लगने पर सेब, संतरा, अमरूद, पपीता या दूसरे पसंदीदा फल खा सकते हैं। पूरा फल खाने से फाइबर भी मिलता है और उसे चबाकर खाने में समय लगता है। इसके उलट जूस में फाइबर कम हो सकता है और थोड़े समय में कई फलों का रस पी लेना आसान होता है।

अगर वजन घटाना चाहते हैं, तो हर बार भूख लगने पर जूस पीने के बजाय पूरा फल चुनें। फलों पर अतिरिक्त चीनी या मीठा सिरप डालने से भी बचें।

  • तली हुई चीजों की जगह कम तेल वाले पकवान चुनें

व्रत में पूरी, पकौड़े और आलू की टिक्की खाने का मन हो सकता है, लेकिन इन्हें रोजाना और ज्यादा मात्रा में खाना वजन घटाने के लक्ष्य में बाधा बन सकता है।

आप कुट्टू या राजगिरा के आटे से कम तेल में चीला या पराठा बना सकते हैं। आलू खाना पसंद है, तो उसे उबालकर कम तेल में तैयार करें। मखाने खाने हों, तो उन्हें कम घी में भूनें। एयर फ्रायर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, लेकिन उसमें बनी चीजों की मात्रा पर ध्यान रखना फिर भी जरूरी है।

  • फलाहार में प्रोटीन भी शामिल करें

कई बार व्रत के दौरान लोग दिनभर फल, आलू और साबूदाने जैसी चीजें खाते रहते हैं, लेकिन प्रोटीन के स्रोतों पर ध्यान नहीं देते। इससे भोजन में पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ सकता है।

अगर आपके व्रत के नियमों में अनुमति है, तो दूध, दही, पनीर या दूसरे उपयुक्त प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, फल के साथ सादा दही या कम तेल में बना राजगिरा पराठा दही के साथ खाया जा सकता है।

प्रोटीन वाला भोजन पेट भरा महसूस करने में मदद कर सकता है। हालांकि, वजन घटाने के लिए सिर्फ प्रोटीन बढ़ाना काफी नहीं है; पूरे दिन के भोजन की मात्रा और विविधता भी जरूरी है।

  • ड्राई फ्रूट्स और मूंगफली की मात्रा तय रखें

बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश और मूंगफली में कई पोषक तत्व होते हैं। लेकिन इन्हें कम मात्रा में खाने और दिनभर बार-बार खाते रहने में अंतर है। इनसे मिलने वाली कैलोरी भी पूरे दिन के कुल सेवन में जुड़ती है।

इसलिए मेवे खाने के लिए एक छोटी कटोरी या तय मात्रा रखें। पैकेट से सीधे खाते रहने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से अलग निकाल लें। इसी तरह मखाने खाते समय भी उनमें ज्यादा घी, तेल या चीनी डालने से बचें।

  • साबूदाना और आलू की मात्रा पर ध्यान दें

साबूदाना और आलू को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। ये व्रत के भोजन में ऊर्जा देने वाले विकल्प हो सकते हैं। लेकिन अगर दिन में कई बार साबूदाने की खिचड़ी, आलू की टिक्की और आलू से बना दूसरा पकवान खा रहे हैं, तो कुल कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी बढ़ सकती है।

एक बार में जरूरत से ज्यादा खाने के बजाय संतुलित मात्रा लें। साबूदाने की खिचड़ी बना रहे हैं, तो तेल और मूंगफली की मात्रा पर ध्यान दें। आलू को तलने के बजाय उबालकर या कम तेल में पकाकर खाएं।

डायबिटीज वाले लोगों को साबूदाने, आलू और दूसरे कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा को लेकर खास सावधानी रखनी चाहिए। अपने भोजन और दवाओं के समय में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

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  • दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाते रहने की आदत पर नजर रखें

व्रत में कुछ लोग नियमित भोजन नहीं करते, लेकिन हर थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाते रहते हैं। कभी फल, फिर मखाने, थोड़ी देर बाद मूंगफली और शाम को शेक या खीर। अलग-अलग देखने पर ये चीजें कम लग सकती हैं, लेकिन दिनभर में इनसे मिलने वाली कुल कैलोरी ज्यादा हो सकती है।

इससे बचने के लिए दिनभर के खाने की एक साधारण योजना बना लें। भूख और अपनी दिनचर्या के हिसाब से भोजन करें, लेकिन हर बार खाने से पहले सोचें कि वास्तव में भूख लगी है या सिर्फ कुछ खाने का मन हो रहा है।

अगर बार-बार भूख लगती है, तो भोजन में पर्याप्त पोषण शामिल करें। वजन घटाने के लिए खुद को भूखा रखना या लगातार भूख दबाना सही तरीका नहीं है।

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  • पानी पिएं, लेकिन मीठे पेय को पानी का विकल्प न बनाएं

व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। कई लोग सादा पानी कम पीते हैं और उसकी जगह फलों का जूस, मीठी लस्सी, शेक या दूसरे पेय लेते रहते हैं। इनसे शरीर को तरल पदार्थ तो मिलते हैं, लेकिन साथ में चीनी और अतिरिक्त कैलोरी भी मिल सकती है।

अगर आपके व्रत में पानी पीने की अनुमति है और डॉक्टर ने तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह नहीं दी है, तो दिनभर नियमित रूप से पानी पिएं। नारियल पानी या दूध भी कुछ लोगों के लिए विकल्प हो सकते हैं, लेकिन इन्हें अपनी जरूरत और मात्रा के हिसाब से लें।

अगर कमजोरी, चक्कर या बहुत ज्यादा प्यास महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। उपवास के दौरान शरीर की जरूरतों का ध्यान रखना वजन घटाने से ज्यादा जरूरी है।

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  • हल्की शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद लें

वजन घटाने के लिए खानपान के साथ शारीरिक गतिविधि और नींद भी अहम हैं। अगर आप व्रत के दौरान सामान्य महसूस कर रहे हैं, तो हल्की सैर या अपनी क्षमता के अनुसार गतिविधि जारी रख सकते हैं। लेकिन कमजोरी, चक्कर या थकान होने पर खुद को कठिन व्यायाम करने के लिए मजबूर न करें।

रात में पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें। देर रात तक जागने और थकान के कारण अगले दिन भूख और खाने की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। नियमित गतिविधि और संतुलित खानपान वजन को स्वस्थ तरीके से संभालने में मदद करते हैं।

नवरात्रि में व्रत रखते हुए स्वाद और सेहत, दोनों का ध्यान रखा जा सकता है। इसके लिए फलाहार छोड़ने या खुद को भूखा रखने की जरूरत नहीं, बल्कि खाने की मात्रा और उसे तैयार करने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है। साबूदाना, आलू, कुट्टू, सिंघाड़ा, फल और मेवे अपनी जगह उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा खाने पर इनसे भी अतिरिक्त कैलोरी मिल सकती है। इसलिए तली हुई चीजों को सीमित रखें, भोजन में प्रोटीन के उपयुक्त स्रोत शामिल करें, पर्याप्त पानी पिएं और अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहें।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

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