मुंबई के IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब कैंपस से बाहर भी पहुंच गया है। 18 सितंबर को 20 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्र संगठन और राजनीतिक दल निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के बीच संस्थान ने मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं 25 सितंबर से शुरू होनी हैं।
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IIT गेट के बाहर प्रदर्शन, कई लोग हिरासत में
बुधवार को IIT बॉम्बे के पवई कैंपस के बाहर विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साहिल की मौत की निष्पक्ष जांच और मामले में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया। कैंपस के मुख्य गेट पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी।
मामले में कांग्रेस नेता और सांसद वर्षा गायकवाड़ के हिरासत में लिए जाने की भी खबर सामने आई है। वहीं यूथ कांग्रेस की ओर से प्रोफेसर दूल्ला की गिरफ्तारी की मांग की गई है। यह मांग उस FIR के संदर्भ में है, जिसमें साहिल के परिवार की शिकायत के आधार पर दूल्ला का नाम दर्ज किया गया है।
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साहिल की मौत के मामले में प्रोफेसर दूल्ला पर आरोप
साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने के बाद घटनाक्रम शुरू हुआ। IIT बॉम्बे ने शुरुआती बयान में परीक्षा के दौरान AI प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की बात कही थी, लेकिन बाद में संस्थान ने इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करने को अनुचित बताते हुए माफी मांगी।
साहिल के परिवार ने प्रोफेसर दूल्ला पर जातिगत भेदभाव और दबाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की और मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। हालांकि, पुलिस जांच में आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। दूसरी ओर IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने दूल्ला का बचाव करते हुए कहा है कि वह परीक्षा में अपनी निर्धारित जिम्मेदारी निभा रहे थे।
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दूल्ला को डीन पद से हटाया, जांच तक छुट्टी पर भेजा
विरोध के बीच IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर दूल्ला को प्रशासनिक जिम्मेदारी से हटा दिया। इसके बाद उन्हें जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजे जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि, वह अभी भी संस्थान के प्रोफेसर हैं।
IIT बॉम्बे ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति भी बनाई है। समिति की अध्यक्षता IIT पालक्काड के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रोफेसर रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। साथ ही मुंबई क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज, छात्रों और परिवार के बयान समेत अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
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छात्रों की मांगों में स्वतंत्र जांच और संस्थागत सुधार
छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच के अलावा शिकायत निवारण व्यवस्था, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, शिक्षक-छात्र व्यवहार और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े सुधारों की मांग की है। IIT बॉम्बे प्रशासन ने छात्रों के 18 सूत्री मांगपत्र पर सहमति जताई थी। पुलिस जांच और IIT की आंतरिक समिति दोनों अलग-अलग स्तर पर मामले की पड़ताल कर रहे हैं। प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।





