आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले के भीमिली स्थित एक सरकारी छात्रावास में उस समय हड़कंप मच गया, जब 10 छात्राओं की चोटियां रातोंरात कटी हुई मिलीं। छात्राएं जब सुबह सोकर उठीं, तो उनके बाल छोटे कटे हुए थे। घटना के बाद छात्राओं में डर का माहौल बन गया। स्कूल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
सुबह उठने पर छात्राओं को मिली जानकारी
मामला भीमिली स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) के छात्रावास का बताया जा रहा है। यहां रहने वाली 10 छात्राओं ने सुबह उठने के बाद पाया कि सोते समय उनके बाल काट दिए गए थे। छात्राओं के अनुसार, उन्हें रात में इस तरह की किसी घटना का पता नहीं चला।
घटना सामने आने के बाद छात्राओं और उनके अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बाल किसने काटे और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया।
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छात्रावास की सुरक्षा पर उठे सवाल
एक ही छात्रावास में रहने वाली कई छात्राओं के बाल काटे जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्राओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है।
अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और क्या किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की संभावना थी। छात्रावास में निगरानी और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की भी समीक्षा की जा सकती है।
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घटना की जांच में जुटे अधिकारी
मामले की जानकारी मिलने के बाद स्कूल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जांच का उद्देश्य घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करना है।
फिलहाल अधिकारियों की ओर से घटना के पीछे किसी व्यक्ति या कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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छात्राओं में डर का माहौल
घटना के बाद छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के बीच डर और असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। प्रशासन के सामने अब छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने और घटना की सच्चाई सामने लाने की चुनौती है। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि छात्राओं के बाल कैसे काटे गए और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।





