बच्चे की लंबाई बढ़ाने के लिए सिर्फ दूध काफी नहीं! डॉक्टर से जानें पूरी डाइट और किन चीजों से बचें

अगर बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ रही है तो इसे सिर्फ खाने-पीने की कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बच्चे की ग्रोथ में आनुवंशिकता के साथ पोषण, हार्मोन और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं की भी भूमिका हो सकती है। अच्छी डाइट बच्चे के शरीर और हड्डियों की सामान्य ग्रोथ के लिए जरूरी है।

Palak Gupta

18 सितम्बर 2026

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बच्चे की लंबाई बढ़ाने के लिए सिर्फ दूध काफी नहीं! डॉक्टर से जानें पूरी डाइट और किन चीजों से बचें

क्या आपके बच्चे भी आपकी बात नहीं मानते हैं। छोटे बच्चे अक्सर बात नहीं मानते हैं लेकिन बच्चों के स्वस्थ और उनके अच्छे पालन पोषण के बारे में सोचना माता-पिता का कर्तव्य होता है। माता-पिता को अक्सर उन्हें वही खिलाना होता है जो वे पसंद नहीं करते। पौष्टिक आहार से बच्चे दूर भागते हैं।

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बच्चे की लंबाई सिर्फ यह नहीं बताती कि वह कितना लंबा है, बल्कि उसकी ग्रोथ की रफ्तार भी बहुत कुछ बताती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बच्चे की लंबाई और वजन को नियमित रूप से मापकर उसकी ग्रोथ को ग्रोथ चार्ट पर देखा जाता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों में उम्र के हिसाब से लंबाई कम होना लंबे समय से चली आ रही या बार-बार होने वाली कुपोषण की स्थिति का संकेत हो सकता है।

बच्चों को नहीं पता होता कि पौष्टिक आहार उनके स्वास्थ्य और हाइट के लिए कितना फायदेमंद है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के मुताबिक, भारत में 5 साल से कम उम्र के लगभग 35.5 प्रतिशत बच्चे स्टंटेड हैं। यानी हर 10 में से करीब 4 बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से कम है। अक्सर लोग मानते हैं कि हाइट सिर्फ जेनेटिक्स पर निर्भर करती है। जबकि हकीकत यह है कि हेल्दी लाइफस्टाइल भी बच्चे की हाइट ग्रोथ में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में हाइट के पीछे का साइंस समझना बेहद जरूरी है।

दुनिया की बात करें तो UNICEF-WHO-World Bank के 2024 के संयुक्त अनुमान के मुताबिक, 5 साल से कम उम्र के करीब 15.02 करोड़ बच्चे स्टंटिंग से प्रभावित थे। यह इस उम्र के करीब 23.2 प्रतिशत बच्चों के बराबर है। स्टंटिंग को सिर्फ कम लंबाई का मामला नहीं माना जाता, बल्कि यह लंबे समय तक पर्याप्त पोषण नहीं मिलने और बार-बार होने वाली पोषण संबंधी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।

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बच्चे को रोजाना ये 9 चीजें ज्यादा न दें

  1. पैकेज्ड चिप्स और बहुत नमकीन स्नैक्स

इनमें नमक और वसा ज्यादा हो सकती है और ये पेट भर देते हैं, जिससे बच्चा पौष्टिक खाना कम खा सकता है।

  1. कोल्ड ड्रिंक और मीठे पेय

इनमें अक्सर ज्यादा चीनी होती है और पोषण कम होता है। रोजाना ऐसे पेय देने की आदत न बनाएं। छोटे बच्चों के लिए पानी और सादा दूध बेहतर विकल्प माने जाते हैं।

  1. बहुत ज्यादा पैकेज्ड जूस

सिर्फ जूस पिलाने के बजाय बच्चे को पूरा फल देना बेहतर है। इससे उसे फल के दूसरे पोषक तत्वों के साथ फाइबर भी मिलता है।

  1. ज्यादा चॉकलेट और कैंडी

कभी-कभार देना अलग बात है, लेकिन रोजाना ज्यादा मीठी चीजें खाने से बच्चे की पूरी डाइट का संतुलन बिगड़ सकता है।

  1. फास्ट फूड

बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और इसी तरह के खाद्य पदार्थ कभी-कभार दिए जा सकते हैं, लेकिन इन्हें रोज के खाने का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।

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  1. बहुत ज्यादा इंस्टेंट नूडल्स

बच्चा इन्हें पसंद करता है, लेकिन सिर्फ नूडल्स से उसकी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी नहीं होतीं। अगर कभी दें तो उसमें सब्जियां, अंडा या कोई दूसरा पौष्टिक स्रोत जोड़ना बेहतर है।

  1. बहुत ज्यादा बिस्कुट

बिस्कुट को बच्चे का रोज का मुख्य स्नैक बनाने से बचें। इसके बदले फल, दही, चना, मखाना या घर का बना नाश्ता दिया जा सकता है।

  1. एनर्जी ड्रिंक या कैफीन वाले पेय

बच्चों को ऐसे पेय देने से बचना चाहिए। उनकी जगह पानी, सादा दूध और उम्र के हिसाब से उपयुक्त पौष्टिक पेय दिए जा सकते हैं।

  1. बिना डॉक्टर की सलाह के ग्रोथ सप्लीमेंट

बाजार में लंबाई बढ़ाने के नाम पर कई तरह के पाउडर और सप्लीमेंट मिलते हैं, लेकिन इन्हें अपनी तरफ से बच्चे को देना सही नहीं है। सामान्य डाइट लेने वाले बच्चों को आमतौर पर हर तरह के सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती। अगर किसी पोषक तत्व की कमी है तो डॉक्टर जांच के बाद सही सप्लीमेंट बता सकते हैं।

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हाइट बढ़ाने के लिए क्या होने चाहिए डाइट ?

समयक्या खिलाएंइसमें क्या मिलेगाक्यों जरूरी
सुबह4-5 बादाम + 1-2 अखरोट + पानीअच्छे फैट, मैग्नीशियमशरीर और दिमाग के विकास में मदद
नाश्ता1-2 अंडे + पोहा/उपमा/रोटीप्रोटीन, आयरन, विटामिनमांसपेशियों और सामान्य ग्रोथ के लिए
सुबह का स्नैक1 मौसमी फलविटामिन, फाइबरशरीर को जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स
दोपहर2 रोटी/चावल + दाल/राजमा + सब्जी + दहीप्रोटीन, आयरन, कैल्शियमहड्डियों और शरीर के विकास के लिए
शामभुना चना/मखाना + फलप्रोटीन, फाइबर, मिनरललंबे समय तक ऊर्जा और पोषण
शाम का दूसरा विकल्पदूध/दही या पनीरप्रोटीन, कैल्शियमहड्डियों और मांसपेशियों के लिए
रातरोटी/चावल + दाल/पनीर/चिकन/मछली + सब्जीप्रोटीन, आयरन, जिंकग्रोथ और शरीर की मरम्मत में मदद
सोने से पहलेजरूरत के अनुसार दूधप्रोटीन, कैल्शियमदिन की पोषण जरूरत पूरी करने में मदद

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माता-पिता अक्सर बच्चे की लंबाई की तुलना दूसरे बच्चों से करने लगते हैं, लेकिन हर बच्चे की ग्रोथ अलग हो सकती है। डॉक्टर बच्चे की लंबाई, वजन और उम्र को ग्रोथ चार्ट पर देखकर यह समझते हैं कि बच्चा अपनी उम्र के हिसाब से सामान्य तरीके से बढ़ रहा है या नहीं। एक बार की लंबाई से ज्यादा जरूरी यह देखना है कि समय के साथ बच्चे की ग्रोथ किस रफ्तार से हो रही है।

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लेखक परिचय
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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.