बाल हमारे शरीर का वह हिस्सा होते हैं जो हमारे व्यक्तित्व को निखारते हैं और जब हमारे शरीर के सबसे अहम हिस्से को रोग लगता है तो हम भी मुरझाए से ही रहते है। घने, मजबूत और चमकदार बाल न सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि अच्छी सेहत की भी निशानी होते हैं। अचानक बालों का झड़ना एक आम बात नहीं है।
बालों के झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, अक्सर लोग इसे मौसम में बदलाव, पानी या शैंपू को दोषी मान लेते हैं। जबकि कई बार समस्या सीधा हमारे शरीर से जुड़ी होती है जैसे हार्मोनल इम्बैलेंस, प्रोटीन और फैट्स की कमी। सामान्य तौर पर रोजाना करीब 50 से 100 बालों का गिरना सामान्य माना जाता है, लेकिन इससे काफी ज्यादा बाल गिरने लगे तो कारण समझना जरूरी है।
सही खानपान में पर्याप्त प्रोटीन, आयरन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व शामिल करना मददगार हो सकता है। साथ ही बालों को बहुत कसकर बांधने, बार-बार हीट देने और जरूरत से ज्यादा केमिकल ट्रीटमेंट से बचना चाहिए। अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगे, गोल-गोल पैच बनने लगें या सिर की त्वचा में खुजली, लालिमा और पपड़ी जैसी समस्या हो तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
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बाल झड़ने के 10 बड़े कारण
- आनुवंशिक कारण
कई लोगों में बाल झड़ने की समस्या परिवार से ही जुड़ी होती है। अगर माता-पिता या परिवार में किसी करीबी को कम उम्र में बाल पतले होने या गंजेपन की परेशानी रही है, तो आगे चलकर इसका असर आप पर भी दिख सकता है। पुरुषों और महिलाओं में बाल झड़ने का तरीका अलग-अलग हो सकता है।
- लगातार तनाव
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव भी बाल झड़ने की एक वजह बन सकता है। लंबे समय तक मानसिक तनाव रहने, किसी गंभीर बीमारी से गुजरने या जीवन में बड़ा बदलाव आने के कुछ समय बाद अचानक बाल ज्यादा गिरने लग सकते हैं। इस तरह के हेयर फॉल को टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है।
- शरीर में आयरन की कमी
शरीर में आयरन की कमी होने पर भी बालों पर असर पड़ सकता है। खासकर अगर लंबे समय से थकान या कमजोरी के साथ बाल भी ज्यादा झड़ रहे हैं, तो आयरन की कमी की जांच कराना सही रहेगा। हालांकि, बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के आयरन की दवा लेना ठीक नहीं है।
- तेजी से वजन कम होना
कम समय में बहुत ज्यादा वजन घटाने की कोशिश भी बालों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। क्रैश डाइट या बहुत कम खाना खाने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इसका असर बालों की जड़ों पर पड़ सकता है और कुछ समय बाद बाल सामान्य से ज्यादा झड़ने लग सकते हैं।
- थायरॉइड और दूसरी बीमारियाँ
बालों के लगातार झड़ने के पीछे थायरॉइड और शरीर में होने वाले दूसरे हार्मोनल बदलाव भी जिम्मेदार हो सकते हैं। महिलाओं में PCOD या PCOS की समस्या होने पर हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिसका असर बालों की ग्रोथ और उनकी मजबूती पर पड़ सकता है। कुछ महिलाओं में सिर के बाल पतले होने या ज्यादा झड़ने की शिकायत देखने को मिलती है। इसलिए अगर लंबे समय से हेयर फॉल हो रहा है, तो इसे सिर्फ शैंपू या हेयर केयर की समस्या समझकर छोड़ना सही नहीं है।
- हार्मोन में बदलाव
शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों का असर बालों पर भी पड़ सकता है। महिलाओं में गर्भावस्था के बाद या मेनोपॉज के आसपास बालों के झड़ने का पैटर्न बदल सकता है। इसके अलावा दूसरे हार्मोनल बदलाव भी हेयर फॉल की वजह बन सकते हैं। अगर समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से इसकी वजह पता करानी चाहिए।
- कुछ दवाओं का असर
कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के तौर पर भी बाल ज्यादा झड़ सकते हैं। अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद आपको अचानक हेयर फॉल बढ़ता हुआ नजर आए, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें। अपनी तरफ से दवा बंद करना सही नहीं है। डॉक्टर जरूरत के हिसाब से आगे की जांच या दवा में बदलाव की सलाह दे सकते हैं।
- बालों को बहुत कसकर बांधना
बालों को हर दिन बहुत कसकर बाँधना भी उनकी जड़ों के लिए ठीक नहीं है। पोनीटेल, चोटी या ऐसे हेयरस्टाइल जिनमें बाल लगातार खिंचे रहते हैं, लंबे समय तक अपनाने से बालों की जड़ों पर दबाव पड़ सकता है। इससे बाल कमजोर होकर टूट सकते हैं और कुछ मामलों में हेयर फॉल भी बढ़ सकता है। इसलिए बालों को बहुत ज्यादा खींचकर बांधने से बचना चाहिए।
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- ज्यादा हीट और केमिकल ट्रीटमेंट
बालों को बार-बार स्ट्रेट करना, कर्ल करना या तेज गर्मी वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना उन्हें कमजोर बना सकता है। इसी तरह बार-बार कलर या दूसरे केमिकल ट्रीटमेंट कराने से बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बाल रूखे, कमजोर और आसानी से टूटने वाले हो सकते हैं। इसलिए ऐसे ट्रीटमेंट और हीट का इस्तेमाल जितना कम हो, उतना बेहतर है।
- ऑटोइम्यून समस्या
कुछ मामलों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाने लगती है। एलोपेसिया एरियाटा ऐसी ही एक समस्या है। इसमें सिर या शरीर के किसी हिस्से से अचानक गोल आकार में बाल झड़ सकते हैं और वहां खाली पैच दिखाई देने लगते हैं। अगर इस तरह के पैच नजर आएं, तो खुद से इलाज करने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

बाल झड़ने के कई कारण है और इसी के साथ निवारण भी कई है। कभी कभी अपना लाइफस्टाइल बदलने से भी बालों की ग्रोथ को सहारा मिलता है। हैल्थी डाइट, नशीले पदार्थ से दूर रहना और स्वस्थ पर ध्यान देने से भी कई बिमारियों का निवारण होता है जो सीधे तौर से तो नहीं लेकिन घुमा फिरा कर हमारे बालों को डैमेज करती है इसलिए अत्यधिक बाल टूटने पर डाइट चार्ट को फॉलो करना भी हमें बेहतर रिजल्ट्स दे सख्ता है।
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हैल्थी बालों के लिए क्या है डाइट चार्ट ?
| समय | क्या खाएं | बालों के लिए फायदा |
|---|---|---|
| सुबह उठकर | 1 गिलास पानी, 5-6 भीगे बादाम और 2 अखरोट | अच्छे फैट और जरूरी पोषक तत्व |
| नाश्ता | 2 अंडे, 1-2 रोटी/पोहा/उपमा और 1 कटोरी दही | प्रोटीन और कैल्शियम |
| सुबह का स्नैक | 1 फल जैसे अमरूद, संतरा, पपीता या सेब | विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट |
| दोपहर का खाना | 2 रोटी, 1 कटोरी दाल/राजमा/चना, हरी सब्जी, सलाद और दही | प्रोटीन, आयरन और फाइबर |
| शाम का स्नैक | भुना चना या मखाना और 1 फल | प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व |
| शाम/वर्कआउट के बाद | पनीर या स्प्राउट्स या 1 गिलास दूध | प्रोटीन की पूर्ति |
| रात का खाना | 2 रोटी, हरी सब्जी, दाल/पनीर/मछली/चिकन और सलाद | प्रोटीन, आयरन और अन्य पोषक तत्व |
| सोने से पहले | जरूरत के अनुसार 1 गिलास दूध | प्रोटीन और कैल्शियम |
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समस्या बढ़ने पर डॉक्टर को जरूर दिखाए
अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगे हैं, सिर पर गोल-गोल खाली पैच बन रहे हैं, सिर की त्वचा में लालिमा या पपड़ी है या लंबे समय से बाल लगातार पतले हो रहे हैं तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए। डॉक्टर बालों और सिर की त्वचा की जांच करके संभावित कारण समझ सकते हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि बाल झड़ने का एक ही कारण हर व्यक्ति में नहीं होता। किसी के लिए तनाव जिम्मेदार हो सकता है तो किसी में आनुवंशिक कारण, पोषण की कमी या कोई स्वास्थ्य समस्या वजह बन सकती है। इसलिए सिर्फ तेल, शैंपू या घरेलू नुस्खे बदलते रहने के बजाय अगर समस्या लगातार बनी हुई है तो उसके कारण का पता लगाना ज्यादा जरूरी है।





