रिसर्च और सइंटिफ़िक तकनीक के माध्यम से हाल ही में अंतरिक्ष से चौका देने वाली खबर सामने आ रही है। बता दें कि वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक जांच शुरू की थी जिसमें मंगल ग्रह पर खोज करते हुए उन्होंने देखा कि उनके होश उड़ गए।
मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं की तलाश में खोज चल रही है। इसी बीच कुछ ऐसा मिला है, जो हैरान कर देने वाला है। नासा के परसेवरेंस रोवर ने जेजेरो क्रेटर में एक मामूली सी दिखने वाली चट्टान पर जैसे ही अपना हाई-टेक लेजर फायर किया, कुछ ऐसा दिखा कि वैज्ञानिक हैरान रह गए. चट्टान की परतों के नीचे छिपे खनिजों ने कुछ ऐसे सुराग सामने आए हैं, जो पृथ्वी पर पाए जाने वाले कीमती रत्नों की याद दिलाते हैं।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर कई सालों से जीवन को लेकर चल रही अटकलों को समझते हुए इस खोज में लाल ग्रह के अरबों साल पुराने उस रहस्य पर से पर्दा उठा दिया है, जो अब तक दुनिया की नजरों से ओझल था। मंगल ग्रह पर जेजेरो क्रेटर की खोजबीन कर रहे नासा के परसेवरेंस रोवर ने जब एक चट्टान पर अपना शक्तिशाली लेजर फायर किया, तो उसके अंदर छिपे अनमोल रत्नों जैसे खनिजों का सुराग मिला।
वैज्ञानिकों ने इस पर जोर डालते हुए supercam से इसकी जांच शुरू की जिसमें कई अधिक मात्रा में खनिज मिले जिनको पृथ्वी पर मिलने वाले कीमती पत्थरों और रत्नों में से एक गिना जाता है। खोज में वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसा पाया जिससे देखकर उनकी आंखें ढंग रह गई।
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क्यों हुए वैज्ञानिक अचंभित ?
वैज्ञानिकों के लिए यह खोज इसलिए अहम है क्योंकि ये खनिज उस जगह मिले हैं जहां इनके मिलने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी। लॉस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी की रिसर्च टीम के मुताबिक इस जांच के दौरान चट्टानों में क्रोमियम-युक्त कोरंडम के साफ संकेत मिले हैं।
बता दें कि कोरंडम वहीं कीमती खनिज है, जिसे पृथ्वी पर रूबी और नीलम जैसी कीमती रत्न बनते हैं। इस खोज के माध्यम से पता चलता है कि भौगोलिक संरचना और इसका इतिहास पहले के अनुमानों की तुलना में कहीं ज्यादा जटिल रहा होगा।
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वैज्ञानिकों के अनुसार यह खनिज तब बने होंगे जब मंगल ग्रह पर चट्टानों की दरारों से गर्म पानी बहता था ठीक वैसे ही जैसे पृथ्वी पर आलीशान क्रिस्टल्स बनते हैं। यह खोज इस बात का एक और मजबूत सबूत है कि मंगल के परिदृश्य को आकार देने में कभी पानी ने बड़ी भूमिका निभाई थी।





