ISRO-NASA के डेटा से चौंकाने वाला खुलासा, भूकंप के बाद 2 फीट खिसकी वेनेजुएला की धरती

वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद ISRO-NASA के संयुक्त NISAR सैटेलाइट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सैटेलाइट डेटा के अनुसार कई इलाकों में धरती करीब 60 सेंटीमीटर तक खिसक गई। यह मिशन भविष्य में भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की सटीक निगरानी में अहम भूमिका निभाएगा।

Shakshi Chauhan

27 जुलाई 2026

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ISRO-NASA के डेटा से चौंकाने वाला खुलासा, भूकंप के बाद 2 फीट खिसकी वेनेजुएला की धरती

भारत और अमेरिका के संयुक्त मिशन NISAR (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) मैं एक बार फिर अपनी अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया है। हाल ही में वेनेजुएला मैं आए शक्तिशाली भूकंप के बाद इस उपग्रह ने एक आंकड़े जुटाए हैं जिनमें वैज्ञानिकों को धरती के भीतर हुए बदलावों को पहले से कहीं अधिक सटीक तरीके से समझने में मदद मिली है।

उपग्रह से प्राप्त डाटा के अनुसार भूकंप के कारण कुछ इलाकों में जमीन लगभग 60 सेमी तक खिसक गई है जो इस आपदा की तीव्रता को दर्शाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार जून 2026 में उत्तरी वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने राजधानी काराकास कहीं क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचा था।

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इन भूकंपों के बाद NISAR ने घटना से पहले और बाद की रडार तस्वीरों का विश्लेषण किया इन तस्वीरों की तुलना से पता चला कि कहीं स्थान पर धरती की सतह में उल्लेखनीय बदलाव हुए और कुछ हिस्सों में जमीन लगभग 60 सेमी तक खिसक गई।

NISAR की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बादलों धुएं और अंधेरे के बावजूद पृथ्वी की सतह की बेहद सटीक तस्वीर लेने में सक्षम है। यह सिंथेटिक रडार तकनीक का उपयोग करता है। जिस जमीन में कुछ सेंटीमीटर के बदलाव तक को रिकॉर्ड किया जा सकता है यही कारण है कि भूकंप भूस्खलन ज्वालामुखी विस्फोट और ग्लेशियरों में होने वाले परिवर्तनों की निगरानी के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है।

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वैज्ञानिकों ने बताया कि NISAR द्वारा एकत्रित उत्तर से उन्हें उसे सक्रिय फॉल्ट लाइन का बेहतर मॉडल तैयार करने में मदद मिली जिसने इस भूकंप को जन्म दिया। पहले उपलब्ध आंकड़ों की तुलना में भूकंप की दिशा ऊर्जा के प्रसार और जमीन की खिसकने के पैटर्न को अधिक सटीकता से समझा जा सका है। इससे भविष्य में भूकंप जोखिम वाली क्षेत्र की पहचान और आपदा प्रबंधन योजनाओं को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

NISAR का एक महत्वपूर्ण पहलू उसकी अर्जेंट रिस्पांस सिस्टम है। किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा से तुरंत बाद यह उपग्रह तेजी से डाटा उपलब्ध करता है जिससे राहत और बचाव एजेंसी को प्रभावित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में मदद मिल सकती है सड़के कल इमारतें और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन भी इस डाटा के जरिए किया जा सकता है।

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NISAR मिशन भारत के ISRO और अमेरिका की NASA के बीच विकसित दुनिया के सबसे उन्नत पृथ्वी अवलोकन मिशनों में से एक है। यह उपग्रह एल बैंड और एस बैंड दोनों प्रकार के रडार का उपयोग करता है। जिससे पृथ्वी की सतह का अत्यधिक विस्तृत अध्ययन संभव हो पता है। मिशन का उद्देश्य केवल भूकंपों का अध्ययन करना ही नहीं बल्कि जंगलों में बदलाव हिम्मते के पिघलने समुद्र तत्वों के कटाव कृषि भूमि की स्थिति और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की लगातार निगरानी करना भी है।

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लेखक परिचय
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Shakshi Chauhan is a college student with a strong passion for writing and creative expression. She enjoys turning her ideas into engaging, relatable stories and often writes about trending and thought-provoking topics. Through her work, she aims to connect with readers while continuously improving her skills as a writer.

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