भावना कंठ ने रचा इतिहास, बनीं IAF की पहली महिला ‘टॉप गन’ पायलट

स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स पूरा कर भारतीय वायुसेना की पहली महिला ‘टॉप गन’ पायलट बनने का गौरव हासिल किया TACDE ग्वालियर में हुए इस कठिन प्रशिक्षण ने उनकी हवाई युद्ध रणनीति और नेतृत्व क्षमता को नई पहचान दी। उनकी ऐतिहासिक सफलता देश की बेटियों के लिए प्रेरणा और भारतीय सशस्त्र बलों में बढ़ती महिला भागीदारी की मिसाल है।

Shakshi Chauhan

7 अगस्त 2026

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भावना कंठ ने रचा इतिहास, बनीं IAF की पहली महिला 'टॉप गन' पायलट

भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उन्होंने प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर भारतीय वायुसेना की पहली महिला ‘टॉप गन’ पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी क्षमताओं का भी बड़ा प्रमाण है।

इस उपलब्धि ने देशभर की लाखों बेटियों को यह संदेश दिया है कि मेहनत, साहस और लगन के दम पर किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है। फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक माना जाता है। यह प्रशिक्षण मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) में दिया जाता है।

इस कोर्स में लड़ाकू विमान उड़ाने वाले चुनिंदा पायलटों को आधुनिक हवाई युद्ध, रणनीति निर्माण, मिशन की योजना और जटिल परिस्थितियों में नेतृत्व करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले पायलटों को वायुसेना के सबसे कुशल और अनुभवी लड़ाकू पायलटों में गिना जाता है।

भावना कांत बिहार के दरभंगा जिले से संबंध रखती हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय वायुसेना में शामिल होने का फैसला किया। वर्ष 2016 में उन्हें भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच में कमीशन मिला। उनके साथ अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह भी इस ऐतिहासिक बैच का हिस्सा थीं। उस समय महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम में प्रवेश एक नई शुरुआत थी और इन तीनों अधिकारियों ने अपने प्रदर्शन से इस फैसले को सही साबित किया।

भावना कांत इससे पहले भी कई अहम उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। वर्ष 2019 में वह दिन के समय लड़ाकू अभियानों के लिए पूरी तरह योग्य घोषित होने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर पायलट बनी थीं। उन्होंने मिग-21 बाइसन जैसे लड़ाकू विमान उड़ाए और बाद में सुखोई-30 एमकेआई जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान की भी जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कई महत्वपूर्ण सैन्य आयोजनों और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व किया है।

‘टॉप गन’ की उपाधि हासिल करना किसी भी फाइटर पायलट के लिए बेहद सम्मान की बात मानी जाती है। यह केवल बेहतरीन उड़ान कौशल का ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की योग्यता का भी प्रमाण होता है। भावना कांत की इस सफलता से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय वायुसेना में महिलाएं अब हर चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।

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रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भावना कांत की यह उपलब्धि भविष्य में अधिक से अधिक युवतियों को भारतीय वायुसेना और अन्य रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं को कई नई जिम्मेदारियां दी गई हैं और उनका योगदान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भावना कांत की यह सफलता महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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भावना कांत की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और मेहनत के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनकी सफलता न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारत की बेटियां अब हर क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रही हैं। आने वाले समय में उनकी यह उपलब्धि देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she…और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she still has passion for writing. It was her hobby and now she wants to hone the same and work on it. She really enjoys articulating things in her own way