अमेरिका की जांच एजेंसी एसबीआई में पंजाब के एक युवक के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उसे अपनी वांटेड सूची में शामिल किया है। आरोपी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह व्यक्ति लंबे समय से कैसे नेटवर्क का हिस्सा था जो अमेरिका और कनाडा सहित उत्तरी अमेरिका में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी करता था, तस्करी के सामने आने के बाद पंजाब और भारतीय एजेंसियों की भी उस पर नजर बनी हुई है।
एफबीआई द्वारा जानकारी के अनुसार आरोपी के खिलाफ अदालत में गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है जांच एजेंसी का दावा है कि वह कहीं वर्षों से कानून परिवर्तन एजेंसियों की निगरानी में था लेकिन गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा। अब उसे पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास काफी तेज कर दिए गए हैं और काफी सख्त कर दिए गए हैं।
यदि आरोपी किसी भी देश से मिलता है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी गिरफ्तारी और कार्रवाई की जा सकती है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर ऐसे गिरोह से जुड़ा था जो कोकेन और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों की सप्लाई करता था आरोप है कि यह नेटवर्क सीमाओं के पर ड्रग्स की तस्करी कर करोड़ों डॉलर का अवैध कारोबार संचालित करता था।
एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान करने में ड्यूटी है ताकि पूरे गिरोह के कानून के दायरे में लाया जा सके। FBI आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है एजेंसी ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को आरोपी के ठिकाने या गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी हो तो वह तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें ऐसी सूचनाओं को गोपनीय रखा जाएगा और जांच में उपयोग किया जाएगा।
अमेरिका में वांटेड सूची में शामिल किए जाने का अर्थ है कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त जांच के बाद गंभीर अपराध के आरोप दर्ज किए गए हैं और उसके गिरफ्तारी कानून एजेंसियों की प्राथमिकता बन गई है। इस मामले ने पंजाब से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर भी नई बहस छेड़ दी है पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें विदेश में सक्रिय ग्रहण के तार पंजाब से जुड़े लोगों तक पहुंचे हैं।
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हालांकि अधिकांश प्रवासी भारतीय कानून का पालन करते हैं और विभिन्न देशों में सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं लेकिन कुछ संगठित अपराधी नेटवर्क के कारण पूरे समुदाय की छवि प्रभावित होती है और इसलिए सुरक्षा एजेंसी है इस मामले में विशेष सतर्कता बरती है।
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विशेषण क्यों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी से निपटने के लिए केवल एक देश की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती इसके लिए अमेरिका भारत कनाडा और अन्य देशों के जांच एजेंसी के बीच लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त अभियान जरूरी होता है इसी सहयोग के जरिए ऐसा अपराधियों का गिरफ्तार किया जाता है और न्याय के कटघरे तक पहुंचा जा सकता है।
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फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और उसकी तलाश जारी है अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोपी गिरफ्तार होता है तो उसके खिलाफ ड्रेस करिए आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।





