शेयर बाजार में क्यों आई जबरदस्त तेजी सेंसेक्स निफ्टी की रैली के पीछे क्या है बड़े कारण जानिए पूरा विश्लेषण। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शानदार तेजी के साथ कारोबार किया कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स सेकेंडो अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया जबकि एनएसई निफ्टी भी 24200 के ऊपर पहुंच गया।
इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी बैंकिंग और रिलायंस समूह के शेयर का रहा है निवेशकों का भरोसा मजबूत तिमाही, नतीजे बेहतर आर्थिक संकेत और घरेलू संस्थागत निवेशों की खरीदारी से बढ़ा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी के पीछे कहीं हम कारण है जिनमें कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे आईटी सेक्टर में खरीदारी और बड़े शेयर्स में निवेशकों की दिलचस्पी शामिल है।
सबसे बड़ा कारण आईटी कंपनियों के शेयर्स में तेजी आ रही है टेक महिंद्रा के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजे ने पूरे आईटी सेक्टर का माहौल सकारात्मक बना दिया।
| सूचकांक | बढ़त (अंक) | बढ़त (%) | वर्तमान स्तर |
|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स | 563.44 अंक | 0.73% | 77,750.31 |
| एनएसई निफ्टी 50 | 138.45 अंक | 0.58% | 24,211.50 |
इसके बाद टीसीएस इंफोसिस एचसीएल टेक और अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों के शहरों में भी अच्छे खरीदारी देखने को मिली।
निवेशकों की उम्मीद है की आईटी सेक्टर की आए आने वाली तिमाहियों में और मजबूत हो सकती है। दूसरा बड़ा कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज के शहरों में आई मजबूती रही। कंपनी के तिमाही नतीजे से पहले निवेशकों ने रिलायंस में जमकर खरीदारी की। बाजार को उम्मीद है कि कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहेगा जिसका असर शेयर की कीमत पर पहले से दिखाई देने लगा।
रिलायंस का बाजार पूंजीकरण काफी बड़ा होने के कारण उसके शहर में तेजी का सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को पड़ा। वित्तीय और बैंकिंग शेयर्स ने भी बाजार को मजबूती दी। जिओ फाइनेंशियल के बेहतर मुनाफे और निजी बैंकों में मजबूत खरीदारी से बैंकिंग इंडेक्स में तेजी आई। एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयर्स में निवेशकों की दिलचस्पी बड़ी जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक रही विदेशी निवेशकों की सतर्कता के बावजूद भारतीय म्युचुअल फंड और अन्य घरेलू संस्थाओं ने बाजार में निवेश जारी रखा इससे बाजार में गिरावट का दबाव कम हुआ और निवेशकों का विश्वास बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की आर्थिक स्थिति अभी भी कहीं अन्य देशों की तुलना में मजबूत बनी हुई है।
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महंगाई नियंत्रित रहने ब्याज दरों को लेकर स्थिरता और सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे पर लगातार खर्च किए जाने से निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर बना हुआ है। हालांकि वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे चिंताएं अभी भी मौजूद है लेकिन फिलहाल घरेलू कंपनियों के मजबूत नतीजों ने इन नकारात्मक संकेतों को काफी हद तक संतुलित कर दिया है।
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विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा मुख्य रूप से कंपनी के तिमाही नतीजे और उनके भविष्य के आउटलुक पर निर्भर करेगी। बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि मौजूदा तेजी में केवल मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में ही निवेश करें। आईटी बैंकिंग वित्तीय सेवाओं और चुनिंदा बड़े शेयर्स में फिलहाल सकारात्मक रूप देखने को मिल रहा है। वहीं छोटे और मिडकैप शेयर्स में निवेश करते समय सावधानी बरतनी की जरूरत है क्योंकि इनमें उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है।