भारत में रोजाना ऐसे कई मामले सामने आते हैं जहां आएदिन महिला को पीड़ा दी जाती है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध आज भी देश के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। घरेलू हिंसा, दहेज और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई मामलों में पीड़िताएं सामाजिक दबाव और डर की वजह से शिकायत तक दर्ज नहीं करा पातीं लेकिन कुछ महिलाएं अपने हक़ के लिए लड़ती है उन्हीं में से एक मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश अलीगढ़ के सासनीगेट क्षेत्र से।
बताया जा रहा है कि एक विवाहित स्त्री के ससुराल वालों ने उससे बंधी बनाकर मिलकर दुष्कर्म कर जान से मारने की धमकी भी दी। इसी की FIR सासनीगेट क्षेत्र के थाने में कराई गई है जिसके कारण यह मामला सामने आया है। घटना पर कमजोरी दिखते हुए आक्रोश से भरे भाजपा के अधिकारियों ने पुलिस पर ढील देने का और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
यह भी पढ़ें: Amritsar Crime News: करोड़ों रुपये की हेरोइन के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
क्या है पूरा मामला ?
दुष्कर्म की FIR लिखवाने जब पीड़िता के पीता थाने में आए तो बयान में बताया गया की युवती की शादी 2022 में कानपुर के एक युवक के साथ कराई गई थी। घरवालों ने बताया की बेटी गर्मियों की छुट्टियां मनाने अलीगढ़ मायके मइके आयी थी। बेटी 19 जुलाई को अपने बच्चे के साथ आई थी लेकिन 5 जुलाई को ही लड़की के ससुराल वाले उसे अपने साथ वापस ले गए थे।
5 जुलाई के बाद मायके वालों ने जब युवती से संपर्क करने में असमर्थ रहे, लगातार बात करने का प्रयास करने के बाद महिला का पता नहीं चला। परिजनों ने बताया की 5 जुलाई के बाद बेटी के साथ संपर्क पूरी तरह से टूट चुका था। पीड़िता ने बताया की उसके ससुराल वालों ने 15 दिन तक मथुरा में उससे बंदी बनाकर रखा था।
पीड़िता के साथ बदसलूकी कर ससुराल वाले रोज दरिंदगी की वारदात को अंजाम देते। इसके अलावा जब वह सबको इस दुष्कर्म के बारे में बताने को कहती तब उसे जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी। पीड़िता ने बताया की शादी के 3 साल तक जब उसके कोई बच्चा नहीं हो पाया तब उसी किसी अघोरी के पास ले जाया गया और गले में ताबीज डाली गयी। महिला के अनुसार रोज सास और ननद मिलकर उससे नशीला पदार्थ देते थे जिसके कारण ससुर ललित ने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया।
यह भी पढ़ें: Gurgaon Encounter: गुड़गांव में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, 4 अपराधी ढेर; गोली लगने से 3 पुलिसकर्मी घायल
जब पीड़िता ने यह दुष्कर्म अपने पति को बताना चाहा तो उसका साथ देने के बजाय पति ने उसे मारा और जान से मारने की धमकी दी। समाज में बदनामी होने के कारण महिला चुप रही। बेटा होने के 20 दिन बाद ससुर ने फिर से जबरदस्ती करने की कोशिश की जिसका विरोध करने पर पति ने बेरहमी से पीटा।
पीड़िता के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को वह अपने बच्चे को लेकर कानपुर में शिकायत करने गई, लेकिन वहां एफआईआर दर्ज नहीं हुई। डर के मारे वह वृंदावन पहुंच गई और 9 जुलाई को एक राहगीर के फोन से उसने अपने भाई को आपबीती बताई, जिसके बाद मायके वाले उसे वापस अलीगढ़ लेकर आए।
यह भी पढ़ें: ग्वालियर में लव जिहाद का मामला, बंटी कुशवाह बनकर अयूब खान ने की शादी; 15 साल बाद खुला राज
अलीगढ़ में मायके पक्ष के लोगों को साथ लेकर पीड़िता ने FIR दर्ज कराई लेकिन फिर भी पुलिस कर्मियों ने इस मामले को ढील दी जिसके कारण भाजपा प्रशासन के कार्यकर्ता अधिकारियों पर उमड़ पड़े यहां तक की पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस को तुरंत एक्शन लेना होगा। कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।