कुछ हाल ही में, अयोध्या मंदिर में डोनेशन चोरी सामने आई है। SIT प्रिलिमनरी इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट होम सेक्रेटरी संजय प्रसाद को देरी है। विजय विश्वास पंत जो लखनऊ के कमिश्नर डिवीजन में है साथ ही में उनके दो मेंबर ने यह रिपोर्ट समेत की है। इन्वेस्टिगेशन और जांच पड़ताल इसी दौरान चली जा रही है।
चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद ने इस रिपोर्ट को कॉन्फिडेंशियल की तरह लिया है और उन्होंने मीडिया को बोला है यह रिपोर्ट से तीन मेंबर के लिए है जो SIT कमेटी के हैं। यह रिपोर्ट एडिशनल होम सेक्रेटरी को भेजदी है। उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के डोनेशन ट्रस्ट फ्रॉम गलत फायदा उठाते हुए इस केस को अपने अंदर ले रही है और जांच पड़ताल जोरों शोरों से चालू है।
इस केस के चलते अभी तक कोई भी व्यक्ति को क्लीन चिट नहीं दी गई है। रिपोर्ट सबमिट होने के बाद अभी और कार्रवाई की जाएगी और इस दौरान ही फैसला लिया जाएगा। मंदिर में काम करने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई है और कोई भी कनेक्शन अगर उनके बीच में है तो उसके भी जांच पड़ताल चालू है।
कुछ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है और उनके खिलाफ और भी आरोप लगाए गए हैं। मंदिर के जिम्मेदारी जिन लोगों के पास दी गई थी उन्होंने उसे चीज का गलत फायदा उठाया और अयोध्या डोनेशन का गलत इस्तेमाल किया। दीपक रंजन ने हाल फिलहाल में यह भी आरोप लगाया है कि बस उन्हें ही पकड़ा जाएगा जो छोटे कर्मचारी हैं जो लोग बड़े कर्मचारी हैं और जिनके पास बहुत पावर है उन तक यह बात नहीं पहुंचेगी।
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सपा नेता नहीं यह भी कहा कि जिस एजेंसी पर पहले ही इतने आरोप लगे हुए हैं और उन्होंने पहले ही इतनी गलतियां कर रखे हैं उनकी रिपोर्ट पर कैसे भरोसा करें उनकी रिपोर्ट भरोसेमंद नहीं मानी जा सकती है। जांच और अंदर तक जानी चाहिए और जिन लोगों ने गलत किया उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।