कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार, 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में युवाओं और छात्रों से संवाद करेंगे। कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में जेन-जी यानी नई पीढ़ी के छात्र शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन होने का दावा किया है। यह कार्यक्रम क्षेत्रीय पार्क के पास इंदौर विकास प्राधिकरण के मैदान में आयोजित किया जा रहा है।
राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर कांग्रेस ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं और पार्टी की ओर से बड़ी संख्या में युवाओं के रजिस्ट्रेशन का दावा किया गया है। हालांकि, रजिस्ट्रेशन की संख्या को लेकर कांग्रेस की ओर से अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इससे पहले पार्टी ने करीब 1.20 लाख रजिस्ट्रेशन की बात कही थी, जबकि एक अन्य जानकारी में करीब 1.5 लाख पंजीकरण का दावा किया गया।
कार्यक्रम में प्रवेश और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कई शर्तें रखी हैं। पुलिस ने कुल 31 सुरक्षा शर्तों की सूची आयोजकों को दी है, जिसमें भीड़ नियंत्रण, प्रवेश, मंच, सीसीटीवी, मेडिकल सुविधा और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में पानी की बोतल, बैग, लैपटॉप, हेलमेट, ड्रोन, सिगरेट, लाइटर और चाकू जैसी कई चीजें ले जाने पर रोक रहेगी।
छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद पर जोर
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखने का मंच देना है। कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम में युवाओं की समस्याओं, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
राहुल गांधी छात्रों से सीधे बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं तथा सुझावों को सुनेंगे। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को पारंपरिक राजनीतिक भाषणों से अलग रखते हुए संवाद और भागीदारी पर केंद्रित बताया है।
यह भी पढ़ें: TMC की लड़ाई में नया मोड़! ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी, ऋतब्रत खेमे को लिफाफा सिंबल
कोटा, देहरादून और पुणे के बाद इंदौर में आयोजन
मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में किया जा चुका है। इंदौर में होने वाला कार्यक्रम इस श्रृंखला का पांचवां आयोजन है।
कार्यक्रम से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छात्रों तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग गतिविधियां आयोजित कीं। पार्टी की ओर से कॉलेजों, कैफे, पुस्तकालयों और हॉस्टल में युवाओं से संपर्क किया गया। इसके अलावा क्रिकेट और जैमिंग सेशन जैसी गतिविधियों के जरिए भी छात्रों को कार्यक्रम से जोड़ने की कोशिश की गई।
यह भी पढ़ें: 18 सितंबर News Wrap: सियासत, दुनिया और मनोरंजन की खबरों में आज क्या-क्या बदला?
कार्यक्रम स्थल को लेकर बदली गई व्यवस्था
राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद आयोजन स्थल को बदल दिया गया। इसके बाद इंदौर विकास प्राधिकरण ने क्षेत्रीय पार्क के पास लगभग 12 हजार वर्ग मीटर जमीन कार्यक्रम के लिए आवंटित की।
आईडीए ने कांग्रेस को 17 से 19 सितंबर तक जमीन के अस्थायी इस्तेमाल की अनुमति दी थी। हालांकि, प्राधिकरण के निरीक्षण में जमीन के करीब 4,800 वर्ग मीटर हिस्से का इस्तेमाल 14 सितंबर से ही शुरू होने की बात सामने आई। इसके बाद आईडीए ने कांग्रेस से 4,03,270 रुपये अतिरिक्त भुगतान करने को कहा। कांग्रेस ने इस मांग पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।
यह भी पढ़ें: 19 सितंबर की बड़ी खबरें: देश-दुनिया में आज क्या हुआ? जानें दिनभर की अहम हलचल
सुरक्षा और यातायात को लेकर सख्त इंतजाम
राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए इंदौर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों के लिए 31 शर्तें तय की हैं। इनमें मंच, पार्किंग, प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े निर्देश शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के कई मार्गों पर भारी वाहनों और कुछ रास्तों पर चारपहिया वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी की जा रही है।
कांग्रेस के इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं से जुड़ने की कोशिश के बीच अब सभी की नजर राहुल गांधी के संबोधन और छात्रों के साथ होने वाले संवाद पर रहेगी।





