लखनऊ में सार्वजनिक परिवहन को और बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट 1 अगस्त से राजाजीपुरम बस स्टेशन से बीबीडी तक एसी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने जा रहा है। यह नई सुविधा शहर के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को आपस में जोड़ेगी, जिससे छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को एक सुगम और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
दुबग्गा सिटी बस डिपो के एआरएम डीके गर्ग के मुताबिक, इस रूट पर कुल 15 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। बसों का संचालन रोजाना सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक होगा, यानी करीब 12 घंटे तक यह सेवा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को हर 30 से 45 मिनट के अंतराल पर बस मिल जाएगी, जिससे इंतजार करने में ज्यादा समय बर्बाद नहीं होगा। इस पूरे मार्ग पर कुल 12 बस स्टॉप बनाए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस सेवा का फायदा मिल सके।
सिटी ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले मार्ग संख्या-7 पर यह सेवा चलती थी, लेकिन उस पर यात्रियों की संख्या काफी कम रहती थी। इसकी बड़ी वजह यह थी कि इस मार्ग का अधिकांश हिस्सा मेट्रो रूट से मेल खाता था, जिससे लोग बस के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद करते थे। इसी को देखते हुए पुरानी सेवा को बंद कर एक नया रूट तैयार किया गया है, जो उन इलाकों को सीधे जोड़ता है जहां मेट्रो सेवा उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से रोजाना करीब तीन हजार यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
किराए की बात करें तो इसे दूरी के हिसाब से तय किया गया है, ताकि हर यात्री को किफायती विकल्प मिल सके। राजाजीपुरम से चारबाग तक का किराया 15 रुपये रखा गया है, जबकि जीपीओ और सिकंदरबाग तक जाने के लिए 20 रुपये देने होंगे।
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बालू अड्डा तक का किराया 25 रुपये, जबकि लोहिया पार्क और बीबीडी अकादमी तक जाने के लिए 30 रुपये तय किए गए हैं। पत्रकारपुरम तक का किराया 35 रुपये, गोमतीनगर हैनीमैन और कठौता झील तक 40 रुपये, वहीं मटियारी तिराहा और बीबीडी कॉलेज तक के सबसे लंबे सफर के लिए अधिकतम 45 रुपये चुकाने होंगे।
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इसे पहले से न सिर्फ शहर के दो अहम हिस्सों के बीच आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।





