भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। इसी दिशा में देश को एक बड़ी उपलब्धि मिलने जा रही है। IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में तैयार की गई अत्याधुनिक AI आधारित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन 8 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह कार्यक्रम IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह के दौरान आयोजित किया जाएगा।
‘परम प्रज्ञा’ को केवल एक सामान्य कंप्यूटर नहीं माना जा सकता। यह एक हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधा है, जिसे खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, एडवांस कंप्यूटिंग और वैज्ञानिक शोध जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार किया गया है। सामान्य कंप्यूटरों की तुलना में सुपरकंप्यूटर बहुत बड़े स्तर पर डेटा को तेजी से प्रोसेस कर सकते हैं। इसी वजह से इनका इस्तेमाल जटिल वैज्ञानिक और तकनीकी समस्याओं को हल करने में किया जाता है।
IIT दिल्ली के लिए भी ‘परम प्रज्ञा’ काफी महत्वपूर्ण है। इस सुविधा के माध्यम से संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को आधुनिक कंप्यूटिंग संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें AI मॉडल, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और अन्य उभरती हुई तकनीकों पर बड़े स्तर पर शोध करने में मदद मिल सकती है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह सुविधा IIT दिल्ली की AI, डेटा साइंस, एडवांस कंप्यूटिंग और अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाले शोध की क्षमता को मजबूत करेगी।
आज के समय में AI का इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, मौसम, रक्षा, उद्योग और परिवहन सहित कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। AI आधारित तकनीकों को विकसित करने के लिए बड़ी मात्रा में डेटा और काफी कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है। ऐसे में ‘परम प्रज्ञा’ जैसी सुविधा शोधकर्ताओं को जटिल गणनाओं और बड़े डेटा पर काम करने में मदद कर सकती है।
इस परियोजना की खास बात यह भी है कि इसका फोकस केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। AI और डेटा साइंस के साथ-साथ इसका इस्तेमाल हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च यानी अलग-अलग विषयों को जोड़कर किए जाने वाले शोध में भी किया जा सकता है। इससे इंजीनियरिंग, विज्ञान, कंप्यूटर तकनीक और अन्य क्षेत्रों के शोधकर्ताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपनी AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्षमता को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रहा है। देश में सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में PARAM नाम की श्रृंखला का लंबा इतिहास रहा है। आधुनिक समय में सुपरकंप्यूटर वैज्ञानिक अनुसंधान, मौसम की भविष्यवाणी, सिमुलेशन, AI और बड़े स्तर की गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी आधार बन चुके हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समारोह में 3,000 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी, जिनमें 587 PhD शोधार्थी भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संस्थान के प्रमुख सम्मान भी प्रदान करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन इस समारोह को तकनीकी दृष्टि से भी खास बना देगा।
कुल मिलाकर, ‘परम प्रज्ञा’ भारत में AI और सुपरकंप्यूटिंग के बढ़ते प्रभाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इससे IIT दिल्ली में होने वाले अत्याधुनिक शोध को नई गति मिल सकती है और विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं को आधुनिक तकनीक के साथ काम करने का बेहतर अवसर मिलेगा। आने वाले समय में ऐसी सुविधाएं भारत को AI, डेटा साइंस और एडवांस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।





