रूस से भारत तक बनेगा नया रेल मार्ग, व्यापार और माल ढुलाई में आएगी तेजी

रूस ने भारत तक सीधे रेल संपर्क की संभावना तलाशने की बात कही है। प्रस्तावित मार्ग का उद्देश्य समुद्री रास्तों और रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों पर निर्भरता कम करना है। हालांकि, अभी यह केवल प्रस्ताव है और इसके बनने में काफी समय लग सकता है। इसका फायदा मुख्य रूप से माल ढुलाई में तेजी और लागत कम होने के रूप में मिल सकता है, लेकिन इससे पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत कम हो जाएंगे, ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी।

Palak Gupta

10 अगस्त 2026

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रूस से भारत तक बनेगा नया रेल मार्ग, व्यापार और माल ढुलाई में आएगी तेजी

रूस और भारत के बीच संबंध बढ़ते हुए और व्यापार को एक नई राह देने के लिए ट्रैन कनेक्शन की सम्भावना जताई जा रही है। हाल ही में भारत-रूस के बीच समुद्री रास्ते के बदले जमीन के रास्ते सीधा रेल संपर्क बनाने की चर्चा तेज हो गई है। मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव और बोस्फोरस व होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम के बीच रूस ने हिंद महासागर तक रेल कनेक्टिविटी तलाशने का प्रस्ताव रखा है। रूस के उप-प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने इसके संकेत दिए हैं।

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रेल रूट की क्यों रखी पहल ?

बता दें कि वैश्विक स्तिथि और होमुर्ज स्ट्रेट जैसे सवेंदनशील इलाके पर लगातार सैन्य तनाव को देखते हुए रूस इन दिनों रूस हिंद महासागर और भारत तक एक रेल रूट बनाने की संभावना पर विचार कर रहा है। हाल ही में रूस ने इंटरव्यू में पुष्टि की है कि रूस के इस महत्वाकांक्षी इंटरकॉन्टनेंटल रेल लिंक रूस से शुरू होकर कई देशों से होकर गुजरेगा।

train route

कौन से देश बनेंगे रूट का हिस्सा ?

रूस ने संभावित रेल रूट के लिए कई देशों के नाम भी बताए हैं। खुसनुलिन के मुताबिक, यह रास्ता तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजर सकता है। इन रास्तों के जरिए हिंद महासागर और आगे भारत तक पहुंचने की संभावना तलाशने की बात कही गई है। अभी यह कोई तय रेल लाइन या शुरू होने वाली ट्रेन नहीं है।

इस रेल रूट को अंजाम देने की मुख्य वजह समुद्री मार्गों पर निर्भरता को घटाकर सीधे मध्य और दक्षिण एशिया के रास्ते भारत और हिंद महासागर के बाजारों तक मालगाड़ियों की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके अलावा रूस ऐसे रास्ते की तलाश में है, जिससे भारत और हिंद महासागर तक सामान पहुंचाने का एक साधन तैयार हो सके।

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भारत के लिए क्यों अहम है यह प्रस्ताव?

भारत से रूस के बीच नाना प्रकार की वस्तुओं का व्यापार होता है। बताया जा रहा है कि अगर यह रेल रूट बनता है तो आने वाले समय भारत और रूस के बीच सामान की आवाजाही आसान हो सकती है। रेल के जरिए रूस से मशीनरी, खनिज, उर्वरक, औद्योगिक सामान और दूसरे उत्पाद भारत तक पहुंचाने में समय और परिवहन लागत कम करने की संभावना है।

इसी के साथ भारत मध्य एशिया के देशों के साथ कनेक्टिविटी को और भी मजबूत कर पाएगा। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस रूट के माध्यम से भारत और रूस के बीच में जो एक्सपोर्ट करने में महीने लग जाते हैं वह महज 21 से 28 दिनों में आसानी से कम लागत में पहुँच जाएगा।

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अभी कितना इंतजार करना होगा?

फिलहाल इसे भारत-रूस के बीच शुरू होने वाली सीधी यात्री ट्रेन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। रूस की ओर से सामने आया प्रस्ताव मुख्य रूप से माल परिवहन और हिंद महासागर तक रेल संपर्क की संभावनाओं से जुड़ा है। इसके अलावा इस रूट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पहले मार्ग तय होगा, फिर संबंधित देशों के बीच समझौते और वित्तीय व्यवस्था पर सहमति बनानी होगी। इसके बाद ही निर्माण का काम शुरू हो सकता है।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.