ईरान में बदला सिक्योरिटी चीफ, रेजाई को कमान देकर क्या संदेश देना चाहता है तेहरान?

ईरान ने मोहसिन रेजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव बनाया है। लंबे सैन्य अनुभव वाले रेजाई की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका के साथ तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत जारी है। इस बदलाव को ईरान के सख्त सुरक्षा रुख और सैन्य नेतृत्व की बढ़ती भूमिका के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

Shakshi Chauhan

10 अगस्त 2026

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ईरान में बदला सिक्योरिटी चीफ, रेजाई को कमान देकर क्या संदेश देना चाहता है तेहरान?

ईरान ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए मोहसिन रेजाई की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया है। रेजाई लंबे समय तक ईरान के इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कमांडर रह चुके हैं। वह सैन्य और राजनीतिक मामलों में ईरान के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ था और स्टेट ऑफ हारमोंस को लेकर बातचीत बेहद महत्वपूर्ण दौर में है। रेजाई ने मोहम्मद बघेर की जगह ली है। हालांकि जोलगद्र को पूरी तरह से व्यवस्था से बाहर नहीं किया गया है उन्हें सर्वोच्च नेता के राजनीतिक सलाहकार के जिम्मेदारी दी गई है।

रेजाई को सुरक्षा परिषद में सर्वोच्च नेता मजबूत खाने नहीं की प्रतिनिधि भी बनाया गया है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि ईरान के नेतृत्व में सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में रजाई की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना है।

Hormuz पर ईरान का सख्त रुख

मोहसिन रेजाई की नियुक्ति को सबसे बड़े संबंध Strait of Hormuz से माना जा रहा है हार्मोन दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है दुनिया के तेल कारोबार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।

ईरान पहले भी हार्मोन को अपनी रणनीतिक ताकत के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है हाल के तनाव के बीच ईरान में Hormuz को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका से कहीं मांगे रखी है इनमें क्षेत्र से अमेरिकी सेवा की वापसी युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा और प्रतिबंधों को हटाना शामिल है। रेजाई भी पहले Hormuz के रणनीतिक महत्व को बेहद अहम बता चुके हैं ऐसे में उनकी नियुक्ति को ईरान के सख्त रूप के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

रजाई का लंबा सैया अनुभव

मोहसिन पर जाएगी सबसे बड़ी ताकत उनका लंबा सैया अनुभव है उन्होंने करीब 16 साल तक IRGC की कमान संभाली। उनका कार्यकाल ईरान इराक युद्ध के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है इसके बाद भी वह ईरान की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

यही वजह है कि संकट के समय रेजाई को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की जिम्मेदारी देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है उनकी नियुक्ति से यह संदेश जा सकता है कि ईरान सुरक्षा और युद्ध से जुड़े मामलों में अनुभवी सैन्य नेतृत्व को ज्यादा महत्व दे रहा है।

पेजेशकियन सरकार के लिए क्या मायने हैं?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अमेरिका के साथ बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश करते रहे हैं दूसरी और ईरान का कट्टरपंथी और सैन्य घड़ा अमेरिका के खिलाफ ज्यादा रुक की वकालत करता रहा है।

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ऐसे मे रेजाई की नियुक्ति को ईरान की आंतरिक राजनीति में संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है एक तरफ बातचीत जारी रखने के लिए कोशिश की जा रही है वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा और सैन्य मामले में कठोर रूप बनाए रखने का संदेश दिया जा रहा है।

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मुज्तबा खमेनेई नहीं की पकड़ मजबूत करने का संकेत

रेजई को केवल सुरक्षा परिषद का सचिव नहीं बनाया गया है बल्कि उन्हें सर्वोच्च नेता का प्रतिनिधि भी बनाया गया है इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फसलों में मुज्तबा खमेनेई की सीधी भूमिका और मजबूत होने का संकेत मिलता है।

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लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she…और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she still has passion for writing. It was her hobby and now she wants to hone the same and work on it. She really enjoys articulating things in her own way