रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब सिर्फ दो देशों के बीच का सैन्य संघर्ष नहीं रहा। इसमें दूसरे देशों की बढ़ती भागीदारी नजर आ रही है हाल के दिनों में उत्तर कोरिया की ओर से रूस को मिल रही सैन्य मदद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।
यूक्रेन का दावा है कि रूस ने उसके खिलाफ हमले में उत्तर कोरिया से मिली बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है इससे युद्ध की दिशा और आने वाले समय में संघर्ष की तीव्रता को लेकर नहीं चिंताएं पैदा हो गए हैं।
रूस को मिल रही उत्तर कोरिया की सैन्य मदद
उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग पहले कुछ समय से तेजी से बढ़ रहा है यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार रूस को तोपों के गले मिसाइल और अन्य सैन्य संसाधनों की आपूर्ति की है। अब उत्तर कोरिया की एक मिसाइल यूनिट के रस के पश्चिमी हिस्से में तैनात होने की भी जानकारी सामने आई है इस यूनिट में लगभग 120 बैलिस्टिक मिसाइल और 6 लांचर होने की संभावना जताई जा रही है।
यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बैलिस्टिक मिसाइल को रोकना सामान्य ड्रोन या क्रूज मिसाइल की तुलना में अधिक चुनौती पूर्ण होता है यूक्रेन पहले ही आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की कमी का सामना कर रहा है ऐसे में रूस द्वारा बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल के इस्तेमाल की क्षमता यूक्रेन के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
घटनाक्रम के इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर के अनुसार रूस ने एक घातक हमले में उत्तर कोरिया मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है इस हमले में कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि हमले में बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था।
उनका यह भी मानना है कि रूस की उत्तर कोरिया पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चिंता बड़े बढ़ेगी इस युद्ध में। उनका कहना है कि मास्को को अब युद्ध जारी रखने के लिए बाहरी सैन्य सहायता की जरूरत बढ़ती जा रही है यूक्रेन का यह भी दावा है कि रूस में उत्तर कोरिया सैनिकों और सैन्य इकाइयों की मौजूदगी आगे और बढ़ सकती है।
रूस उत्तर कोरिया संबंध क्यों अहम है?
रूस और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी आई है दोनों देशों के बीच 2024 में हुए रणनीतिक समझौते ने इस सहयोग को और मजबूत किया है। इसके बाद उत्तर कोरिया की ओर से रूस को सैन्य सहायता मिलने की खबरें लगातार सामने आती रही है रिपोर्टर के मुताबिक उत्तर कोरिया ने रूस को बड़ी मात्रा में तोपों की गोली बैलिस्टिक मिसाइल उपलब्ध करवाए हैं।
इस आयोग से दोनों देशों को अलग-अलग रणनीतिक फायदे मिल सकते हैं। रूस को लंबे समय से चल रहे युद्ध के लिए अतिरिक्त हथियार और गोला बारूद मिल रहा है जबकि उत्तर कोरिया को वास्तविक युद्ध परिस्थितियों से सैया अनुभव और अपनी हथियार प्रणालियों के इस्तेमाल का अवसर मिल सकता है।
यही वजह है कि विशेषज्ञ इस साझेदारी को केवल हथियार की खरीद बिक्री के रूप में नहीं देखे बल्कि इसे व्यापक सैनिक और रणनीतिक सहयोग मानते हैं।
यूक्रेन के लिए बड़ी मुश्किल
उत्तर कोरिया बैलिस्टिक मिसाइल की संभावित तैनाती ऐसे समय में हुई है जब यूक्रेन अपनी एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर दबाव मेंहै। बैलिस्टिक मिसाइल बहुत तेज गति से लक्ष्य की और बढ़ती है उन्होंने रोकने के लिए अत्यधिक इंटरसेप्टर की जरूरत होती है यूक्रेन के पास ऐसे सिस्टम की संख्या सीमित है।
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इसका मतलब यह है कि यदि रस को उत्तर कोरिया से लगातार मिसाइल की आपूर्ति मिलती रही तो यूक्रेन के शहरों और महत्वपूर्ण सैन्य या औद्योगिक ठिकानों पर मिसाइल हम लोग का खतरा बढ़ सकता है इससे युद्ध में सैन्य दबाव के साथ-साथ नागरिक आबादी पर भी काफी असर पड़ेगा।
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क्या युद्ध और लंबा चल सकता है?
उत्तर कोरिया की भर्ती भागीदारी युद्ध को समाप्त करने की कोशिश के लिए भी चुनौती बन सकती है यदि रस को बाहरी सूत्रों से लगातार सैनिक मिसाइल और गोला बारूद मिलते रहे तो उसके लंबे समय तक सैन्य अभियान जारी रखना आसान हो सकता है दूसरी और यूक्रेन अपनी पश्चिमी सहयोगियों से अतिरिक्त एयर डिफेंस और अन्य सैन्य सहायता की मांग बढ़ा सकता है।





