वैश्विक तनाव के बीच ईरान अमेरिका के सैन्य वार के दावे एक बार फिर से सामने आए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमले किए। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और सऊदी अरब की ओर से इराक में ईरान समर्थित गुटों पर किए गए हमलों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बड़ा दावा किया है कि यह सैन्य कार्रवाई इराक सरकार के साथ समन्वय में की गई थी लेकिन इराक ने इस दावे को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया है। बता दें कि इराकी सरकार के अध्यक्ष ने कल ही टीवी पर बयान देते हुए कहा कि सरकार को इन हमलों की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और न ही उसने इराक में किसी स्थान या समूह पर हमले की मंजूरी दी थी।
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ट्रंप ने भी दिया बयान
अमेरिकी न्यूज़ एजेंसी के इंटरव्यू में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया कि अमेरिका और सऊदी अरब की यह कार्रवाई इराक सरकार से बातचीत के बाद हुई है, जिसमे सरकार ने इस बात को नकारते हुए साफ शब्दों में कहा कि उनका इस मिशन से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही इराकी प्रधानमंत्री अली-अल जैदी ने अमेरिका जाकर ट्रंप से वार्ता की। जिसके बाद ट्रंप के बयान ने इन अटकलों को हवा दी कि शायद इराक ने अमेरिका और सऊदी की मदद की हो, लेकिन ईरान की दुश्मनी से बचने के लिए वह अब अपनी गर्दन बचा रहा है।
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ट्रंप के इन बयान के तुरंत बाद प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने अपना सऊदी अरब का दौरा भी स्थगित कर दिया है। इससे पहले भी इराकी प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया था कि वह किसी भी पक्ष की ओर से की गई आक्रामक कार्रवाई को नहीं अपनाती। अमेरिका ने F-35 गिराने के दावे को खारिज किया
कुवैत एयरबेस पर क्या हुआ?
इन सभी के बीच ईरानी मीडिया और सरकारी एजेंसियों ने दावा किया कि मिसाइलों का निशाना कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाएं थीं। वहीं क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों में भी कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की जानकारी सामने आई है। हालांकि नुकसान कितना हुआ इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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अमेरिका ने F-35 गिराने के दावे को भी खारिज किया
अमेरिका ने ईरान के दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को नुकसान नहीं पहुंचा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार हालिया हमलों में कोई अमेरिकी विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त नहीं हुआ और ईरान के दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि उनके सभी लड़ाकू विमान सुरक्षित हैं और मिशन सामान्य रूप से जारी हैं।
अमेरिका का कहना है कि ईरान की ओर से किए गए दावों की अब तक किसी स्वतंत्र एजेंसी, उपग्रह तस्वीर या आधिकारिक सैन्य रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, ईरान की सरकारी मीडिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने अमेरिकी F-35 विमानों को निशाना बनाया।





