तृणमूल कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक रणनीतियों में एक नया भूचाल आया है। कहा जा रहा है कि पार्टी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु रॉय ने अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) की मुखिया और मुख्य कार्यकर्ता ममता बनर्जी को दिल्ली दौरे के दौरान इस्तीफे का बड़ा झटका लगा। वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु रॉय ने अपने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुखेंदु का यह कदम पार्टी के भीतर असंतोष को दर्शाता है।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से पार्टी के अंदर आंतरिक विवाद चल रहे हैं, जो इस्तीफे के रूप में खुलकर सामने आ रहे हैं। सुखेंदु रॉय का यह फैसला टीएमसी के भीतर गंभीर संकेतों का प्रमाण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुखेंदु रॉय पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में हैं। उन्होंने सोमवार को सीधे देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति से मुलाकात की और उन्हें संसद के उच्च सदन की सदस्यता के पद को त्याग कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पार्टी से भी अपने इस्तीफे की कॉपी पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को ईमेल के जरिए भेज दी।
यहां तक की यह भी खबर बताई जा रही है कि टीएमसी के कई सांसदों के बीच नाराजगी चल रही है और टूट की आशंका भी बताई जा रही है। उनका कहना है कि हाल ही में हुए बंगाल चुनावों में टीएमसी 15 वर्षों से पश्चिम बंगाल में राज कर रही है लेकिन इस बार टीएमसी ने बीजेपी को भारी बहुमत से जीत का रास्ता दिखाया है।

इसी के साथ उन्होंने कहा कि पार्टी में “शक्ति का दुरुपयोग” हो रहा है और हालात काफी बिगड़ चुके हैं। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद से पार्टी में लगातार असंतोष बढ़ रहा है। यही कारण है कि अब एक-एक कर बड़े नेता अलग रास्ता अपना रहे हैं।
कहा जा रहा है कि आने वाले समय में टीएमसी की मुख्य कार्यकर्ता ममता बनर्जी के लिए नई राजनीतिक चुनौतियाँ खड़ी होने वाली हैं, यहाँ तक कि आगे और इस्तीफ़े या टूट सम्भव है। सोमवार को एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया जिसमें ममता बंगर्जी और अभिषेक बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता का मोर्चा संभालने पहुंचे हैं, लेकिन उनकी खुद की पार्टी की बड़ी हस्तियों ने अंतिम समय पर उनका साथ देने से इंकार कर दिया था। अभी तक टीएमसी की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
त्रिनामूल कांग्रेस पार्टी में बड़ा यह मुद्दा एक इस्तीफे के संवाद तक सीमित नहीं बल्कि पार्टी के अंदर उमड़ रहे असंतोष और अशांति का प्रमाण है जो कि टीएमसी के भविष्य पर सवाल उठाता है। पार्टी में फैसलों को लेकर असहमति बढ़ रही है, जिससे केंद्रीय नेतृत्व की पकड़ कमजोर होती दिख रही है।










