कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) के तहत आने वाले पेंशनभोगी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार देशभर के पेंशनर्स 9 मार्च से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीन दिन तक प्रदर्शन करेंगे।
पेंशनर्स की सबसे बड़ी मांग न्यूनतम मासिक पेंशन को मौजूदा 1000 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 7500 रुपये करने की है। इसके साथ ही वे महंगाई भत्ता और पेंशनभोगियों व उनके जीवनसाथी के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा की भी मांग कर रहे हैं।
यह प्रदर्शन EPS-95 नेशनल एजिटेशन कमेटी की ओर से बुलाया गया है, जिसका नेतृत्व इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत कर रहे हैं। कमेटी का कहना है कि देशभर में करीब 81 लाख पेंशनभोगी पिछले कई वर्षों से अपनी मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
पेंशनर्स का कहना है कि उन्होंने 30 से 35 साल तक नौकरी के दौरान नियमित रूप से ईपीएफओ में अंशदान जमा किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें औसतन करीब 1171 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है, जो आज के समय में बहुत कम है।
कमेटी ने यह भी आरोप लगाया कि कम पेंशन और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा की कमी के कारण देशभर में रोजाना 200 से 250 पेंशनभोगियों की समय से पहले मौत हो रही है। इसी वजह से अब पेंशनर्स ने अपनी मांगों को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
यह भी पढ़ें: एंटीबायोटिक दवाओं का गलत निस्तारण बढ़ा सकता है AMR खतरा, गाजियाबाद में डॉक्टर की चेतावनी
जानकारी के अनुसार 9, 10 और 11 मार्च को होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल हो सकते हैं। कुछ राजनीतिक दलों के सांसदों के भी इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
पेंशनभोगियों की अन्य मांगों में सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के फैसले के अनुसार योग्य पेंशनर्स को अधिक पेंशन का लाभ देना भी शामिल है। इसके अलावा जिन लोगों को EPS-95 योजना से बाहर रखा गया था, उनके लिए कम से कम 5000 रुपये मासिक पेंशन देने की मांग भी उठाई गई है।










