नई दिल्ली में बुधवार को INDIA गठबंधन की बैठक में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुद्दा केंद्र में रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक की शुरुआत में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष की चिंताएं सामने रखीं। वहीं ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ अपना रुख दोहराया। राहुल गांधी ने भी ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को आगे बढ़ाया। बैठक का मुख्य एजेंडा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और आगे की संयुक्त रणनीति तय करना रहा।
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खरगे बोले- एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य का सिद्धांत अहम
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकतंत्र का आधार ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ का सिद्धांत है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पारदर्शिता की कमी है और वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने की आशंका है। खरगे ने मांग की कि भविष्य के चुनावों में SIR से पहले वाली मतदाता सूची को आधार बनाया जाए।
उन्होंने मतदाता सूची में किए गए बदलावों की विधानसभा और बूथ स्तर पर जानकारी सार्वजनिक करने, किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले नोटिस देने और अपील की व्यवस्था की मांग भी रखी।
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उन्होंने चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों की ओर से पिछले महीनों में दर्ज की गई असहमतियों का हवाला देते हुए कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। ये दावे कांग्रेस और विपक्ष की ओर से रखे गए हैं; चुनाव आयोग की ओर से इस मुद्दे पर अलग पक्ष भी सामने आया है।
ममता बनर्जी ने कहा- लड़ाई लंबी चलेगी
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बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग और SIR को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। ममता पहले ही इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को एकजुट करने की पहल कर चुकी थीं और बैठक से पहले राहुल गांधी तथा वामपंथी नेता एमए बेबी समेत अन्य नेताओं से बातचीत हुई थी।
ममता का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं हटना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विपक्षी दलों से मिलकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर आगे की रणनीति बनाने की बात कही है।
बैठक का उद्देश्य केवल अलग-अलग नेताओं के बयान तक सीमित नहीं रहा। INDIA गठबंधन के सामने अब यह सवाल भी है कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर सभी विपक्षी दल किस तरह संयुक्त कार्यक्रम तय करते हैं।
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राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपने पुराने आरोपों को दोहराया। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पारदर्शिता की कमी है। राहुल गांधी इससे पहले भी चुनाव आयोग पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने से जुड़े आरोप लगा चुके हैं।
विपक्षी दलों की ओर से ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। INDIA गठबंधन की बैठक में भी इस मांग को आगे बढ़ाने और संसद के जरिए कार्रवाई की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
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संयुक्त आंदोलन और संसद में प्रस्ताव पर चर्चा
बैठक में चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त राजनीतिक कार्यक्रम तैयार करने पर भी चर्चा हुई। विपक्षी दल देशभर में प्रदर्शन और सार्वजनिक अभियान की योजना पर विचार कर रहे हैं। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने से जुड़े प्रस्ताव को संसद में आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
हालांकि INDIA गठबंधन की बैठक में सभी सहयोगी दलों की मौजूदगी नहीं रही। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए और उनकी पार्टी के प्रतिनिधि पहुंचे। आम आदमी पार्टी और DMK ने भी बैठक से दूरी बनाई। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) की ओर से वर्चुअल भागीदारी की जानकारी सामने आई।
बैठक के बाद विपक्षी दलों की आगे की रणनीति अब चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची के मुद्दों पर संयुक्त आंदोलन के रूप में सामने आ सकती है। वहीं चुनाव आयोग और केंद्र की ओर से इन आरोपों पर दिए गए जवाब भी इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण रहेंगे।





