अक्सर हमारी जिंदगी में ऐसी कई चीजें हैं जो बहुत जरूरी होती है लेकिन कुछ ऐसी चीजें है जो धीरे धीरे हमारी आदतों को बिगाड़ देती है। सोने से पहले फोन पर कोई शांत म्यूजिक या पॉडकास्ट चलाना कई लोगों की रोज की आदत बन चुकी है। दिनभर की थकान के बाद कानों में धीमी आवाज सुनते-सुनते नींद आ जाना आसान लगता है।
कुछ लोगों के कानों में पूरे दिन इयरफोन लगे रहते है और उन्हें पता भी नहीं चलता ना ही महसूस होता है। अब आप यह सोच रहे होंगे कि ईयरफोन हमारी सुविधा को आसान करता है। इसमें कोई गलत नहीं है लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब ऑडियो पूरी रात चलता रहता है और ईयरबड्स सुबह तक कानों में लगे रहते हैं।
यहाँ एक बात समझना ज़रूरी है कि केवल ईयरबड्स पहनना अपने आप में हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक नहीं है। परेशानी मुख्य रूप से लंबे समय तक इस्तेमाल, तेज आवाज और कान के अंदर ईयरबड्स के लगातार लगे रहने से बढ़ सकती है।
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ज्यादा देर तक ईयरबड्स लगाने से क्या हो सकता है?
| आदत/समस्या | कानों पर संभावित असर | क्या करें |
|---|---|---|
| रातभर ईयरबड्स लगाना | कान में दर्द, जलन और दबाव | सोने से पहले ईयरबड्स निकालें |
| तेज आवाज में सुनना | सुनने की क्षमता पर असर | वॉल्यूम 60% से कम रखें |
| लंबे समय तक ऑडियो सुनना | टिनिटस का जोखिम बढ़ सकता है | सुनने का समय सीमित करें |
| गीले कानों में ईयरबड्स लगाना | संक्रमण का खतरा | पहले कान अच्छी तरह सुखाएं |
| गंदे ईयरबड्स इस्तेमाल करना | कान में बैक्टीरिया पहुंचने का जोखिम | ईयरबड्स नियमित रूप से साफ करें |
| ईयरबड्स से कान का मैल अंदर दबना | कान बंद लगना या सुनने में परेशानी | जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सफाई कराएं |
| करवट लेकर ईयरबड्स लगाकर सोना | कान पर दबाव और दर्द | सोते समय ईयरबड्स निकाल दें |
| कान में खुजली पर कॉटन बड डालना | कान की नली को नुकसान | कान के अंदर चीजें न डालें |
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डॉ. दीपांशु गुरनानी, सीनियर कंसल्टेंट- ENT, हेड एंड नेक सर्जरी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के मुताबिक लोग अलग-अलग वजहों से रात में ईयरबड्स लगाकर सोते हैं। कुछ लोगों को सोने से पहले पॉडकास्ट या म्यूजिक सुनना पसंद होता है, तो कुछ आसपास के शोर को कम करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं। कई लोगों को लगता है कि हल्का म्यूजिक या पसंदीदा ऑडियो सुनने से दिमाग रिलैक्स होता है और तनाव कम करने में मदद मिलती है।
वहीं, खर्राटों की आवाज से परेशान लोग भी शोर से बचने के लिए ईयरबड्स लगाकर सोते हैं। कुछ लोगों को इससे जल्दी नींद आने में मदद मिलती है, जबकि यात्रा के दौरान आसपास की आवाजों से बचने के लिए भी लोग इनका इस्तेमाल करते हैं। कई बार यह आदत इतनी पुरानी हो जाती है कि बिना ईयरबड्स के सोना ही मुश्किल लगने लगता है।
डब्ल्यूएचओ की सलाह है कि निजी ऑडियो डिवाइस का वॉल्यूम अधिकतम स्तर के 60 प्रतिशत से ऊपर न रखा जाए। संगठन यह भी बताता है कि आवाज जितनी तेज होगी और उसे जितनी देर तक सुना जाएगा, सुनने को नुकसान का जोखिम उतना बढ़ेगा।

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अगर रात में ईयरबड्स के बिना नींद नहीं आती तो क्या करें?
ईयरबड्स की आदत अचानक छोड़ना मुश्किल लग सकता है। ऐसे में धीरे-धीरे अपनी रात की दिनचर्या बदलना ज्यादा आसान तरीका हो सकता है।
- सोने से पहले ईयरबड्स निकाल दें
सबसे आसान बदलाव यही है कि ऑडियो सुनते हुए सोने की बजाय नींद आने से कुछ समय पहले ईयरबड्स निकाल दें। शुरुआत में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे दिमाग बिना ऑडियो के सोने का आदी हो सकता है।
- ऑडियो सुनने का समय तय करें
अगर आपको म्यूजिक या पॉडकास्ट सुनना पसंद है, तो उसे पूरी रात चलाने के बजाय सोने से पहले एक तय समय तक सुनें। टाइमर लगाना भी मददगार हो सकता है, ताकि ऑडियो अपने आप बंद हो जाए।
- आवाज कम रखें
अगर ईयरबड्स का इस्तेमाल करना ही है, तो वॉल्यूम कम रखें। डब्ल्यूएचओ अधिकतम वॉल्यूम के 60 प्रतिशत से ऊपर न जाने की सलाह देता है। साथ ही लंबे समय तक लगातार सुनने के बजाय कानों को बीच-बीच में आराम देना जरूरी है।
- फोन को बिस्तर से थोड़ा दूर रखें
कई लोगों की समस्या सिर्फ ईयरबड्स नहीं, बल्कि फोन के लगातार पास रहने की भी होती है। फोन को बिस्तर से दूर रखकर सोने की कोशिश करें। इससे बार-बार ऑडियो बदलने या फोन देखने का मन भी कम हो सकता है।
- धीमा म्यूजिक स्पीकर पर सुनें
अगर बिना आवाज के सोना मुश्किल लगता है, तो ईयरबड्स की जगह कमरे में कम आवाज पर स्पीकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कान की नली में पूरी रात कुछ लगा रहने की समस्या नहीं होगी।
- बारिश या प्रकृति की हल्की आवाज आजमाएं
कुछ लोगों को सुकून देने वाली आवाजों से नींद आने में मदद मिलती है। ऐसे में तेज म्यूजिक की जगह धीमी बारिश, हवा या प्रकृति की आवाज का इस्तेमाल किया जा सकता है। आवाज इतनी कम रखें कि वह सिर्फ हल्की पृष्ठभूमि में सुनाई दे।
- नहाने के तुरंत बाद ईयरबड्स न लगाएं
कान में नमी महसूस हो तो पहले उसे सूखने दें। गीले कानों में लंबे समय तक ईयरबड्स लगाए रखना संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकता है।
- ईयरबड्स साफ रखें
ईयरबड्स सीधे कान के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनकी सफाई को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। गंदे ईयरबड्स को बार-बार कान में लगाने से बचें और उन्हें निर्माता के निर्देश के अनुसार साफ रखें।
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- कान में कॉटन बड्स या दूसरी चीजें न डालें
कान में खुजली या मैल महसूस होने पर कॉटन बड्स से अंदर तक सफाई करने की कोशिश न करें। डब्ल्यूएचओ के अनुसार कॉटन बड्स या दूसरी चीजें कान के अंदर डालने से कान की नली और पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है।
- कान के संकेतों को नजरअंदाज न करें
अगर ईयरबड्स इस्तेमाल करने के बाद लगातार कान में घंटी या सीटी जैसी आवाज आती है, सुनने में परेशानी होती है, कान में दर्द रहता है या कान से किसी तरह का तरल निकलता है, तो डॉक्टर या कान-नाक-गला विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। डब्ल्यूएचओ भी लगातार टिनिटस या सुनने में परेशानी होने पर सुनने की जांच कराने की सलाह देता है।

अगर आपको ईयरबड्स लगाकर ही नींद आती है, तो एकदम से आदत बदलने के बजाय पहले ऑडियो का समय कम करें, फिर वॉल्यूम घटाएं और धीरे-धीरे बिना ईयरबड्स सोने की कोशिश करें। छोटी-सी यह आदत आगे चलकर आपके कानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने में मदद कर सकती है।





