बरौनी में NCC कैडेट्स को साइबर फ्रॉड से बचाव की ट्रेनिंग, फर्जी कॉल और KYC स्कैम पर किया जागरूक

बेगूसराय के बरौनी में चल रहे 9 बिहार बटालियन के एनसीसी कैंप में कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी भी दी गई। साइबर क्राइम थाना, बेगूसराय के इंस्पेक्टर एसके विद्याकर ने विशेष जागरूकता कक्षा में कैडेट्स को फर्जी कॉल, फिशिंग, फर्जी एपीके फाइल, केवाईसी अपडेट फ्रॉड, फर्जी लोन ऐप, बैंकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के बारे में बताया।

Palak Gupta

21 सितम्बर 2026

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बरौनी में NCC कैडेट्स को साइबर फ्रॉड से बचाव की ट्रेनिंग, फर्जी कॉल और KYC स्कैम पर किया जागरूक

बिहार के बेगूसराय जिले के बरौनी में आयोजित NCC कैंप के दौरान कैडेट्स को साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीके बताए गए। प्रशिक्षण सत्र में फर्जी फोन कॉल, KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी, OTP और बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दी गई। कैडेट्स को साइबर अपराधों की पहचान करने और उनसे बचने के लिए जरूरी सावधानियों से अवगत कराया गया।

फर्जी कॉल और KYC स्कैम से बचने की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को बताया गया कि साइबर ठग बैंक अधिकारी, टेलीकॉम कर्मचारी या सरकारी विभाग का प्रतिनिधि बनकर फोन कर सकते हैं। ऐसे कॉल के जरिए लोगों से बैंक खाते, एटीएम, पैन कार्ड या KYC अपडेट करने के नाम पर निजी जानकारी मांगी जाती है।

कैडेट्स को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, CVV, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या किसी सरकारी संस्था के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की सलाह दी गई।

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साइबर ठगी के नए तरीकों पर चर्चा

सत्र में साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे ठगी के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई। इसमें फर्जी कस्टमर केयर नंबर, संदिग्ध ऑनलाइन पेमेंट लिंक, सोशल मीडिया के जरिए ठगी और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे मामलों के बारे में भी जागरूक किया गया।

कैडेट्स को बताया गया कि साइबर अपराधी लोगों पर जल्दबाजी में निर्णय लेने का दबाव बनाते हैं। वे डर या लालच पैदा करके बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी तरह का भुगतान करने या जानकारी साझा करने से पहले संबंधित संस्था से आधिकारिक माध्यम के जरिए संपर्क करना चाहिए।

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कैडेट्स को जागरूकता फैलाने की अपील

प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स से कहा गया कि वे खुद साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। खासकर बुजुर्गों और डिजिटल बैंकिंग का कम अनुभव रखने वाले लोगों को साइबर ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी देना जरूरी बताया गया।

कैडेट्स को यह भी समझाया गया कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि सतर्कता और सही समय पर उठाए गए कदम भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत शिकायत की सलाह

प्रशिक्षण में साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। बताया गया कि वित्तीय धोखाधड़ी होने पर पीड़ित को तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है।

कार्यक्रम का उद्देश्य NCC कैडेट्स को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाना और उन्हें समाज में डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता फैलाने के लिए तैयार करना रहा। कैडेट्स ने प्रशिक्षण के दौरान साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी हासिल की।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.