आपने कई जगह की मिठाई खाई होगी और कई मिठाइयाँ तो ऐसी होती हैं जो किसी जगह की स्पेशलिटी बन जाती है। अब मिठाई का नाम सुनकर हमारे दिमाग में सबसे पहले जलेबी और रसगुल्ले का नाम आता है। अब मिठाई का नाम हो और यूपी बिहार का नाम न आए ऐसा कैसे हो सकता है। बता दें कि जलेबी और रसगुल्ले से भी स्वादिष्ट मिठाई जो मुँह में जाते ही घुल जाए यूपी के बाराबंकी जिले में चखने को मिलती है।
सोचिए, सामने गर्मागर्म सुनहरी मिठाई रखी हो, बाहर से हल्की कुरकुरी परत टूटे और अंदर से खुशबूदार मावा और मेवों की भरावन निकल आए। ऊपर से चाशनी की मीठी परत और इलायची की खुशबू। मुंह में पानी लाने के लिए इतना ही काफी है। यह कोई आम मिठाई नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की मशहूर चंद्रकला है।

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उत्तर प्रदेश का बाराबंकी जिला अपनी खास मिठाइयों के लिए भी जाना जाता है। यहाँ की चंद्रकला ऐसी मिठाई है, जिसमें बाहर की परत खस्ता और अंदर मावे की नरम भरावन होती है। मावा, चीनी, इलायची और मेवों से तैयार होने वाली यह मिठाई तलने के बाद चाशनी में डुबोई जाती है, जिससे इसमें मिठास और रस दोनों आ जाते हैं। मावे से तैयार होने वाली इस मिठाई की खासियत इसकी खस्ता बाहरी परत और अंदर छिपी नरम भरावन है। मावा, चीनी, इलायची और मेवों से तैयार मिश्रण को मैदे की परत में भरकर सुनहरा होने तक तला जाता है और फिर चाशनी में डुबोया जाता है। यही वजह है कि इसका एक टुकड़ा खाते ही बाहर की कुरकुराहट, मावे की नरमी और चाशनी की मिठास एक साथ महसूस होती है।
अब आपको भी उत्साह जाग रहा होगा यह जानने का कि इस मिठाई की रेसिपी क्या है ? बनाने में बिल्कुल आसान और बनाने के बाद घर में न बचने वाली मिठाई की रेसिपी जानते हैं।

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| स्टेप | क्या करना है |
|---|---|
| 1. आटा तैयार करें | मैदा में थोड़ा घी मिलाकर पानी की मदद से नरम आटा गूंथ लें। इसे कुछ देर ढककर रख दें। |
| 2. मावे की भरावन बनाएँ | कड़ाही में मावा हल्का भूनें। इसमें चीनी, इलायची और बारीक कटे काजू-बादाम जैसे मेवे मिलाएं। |
| 3. लोई तैयार करें | आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर उन्हें बेल लें। |
| 4. भरावन रखें | एक बेली हुई परत पर तैयार मावे की भरावन रखें और ऊपर से दूसरी परत लगाकर किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें। |
| 5. चंद्रकला का आकार दें | इसे गोल या चांद जैसे आकार में तैयार करें और किनारों को हल्के हाथ से दबाकर सील कर दें। |
| 6. सुनहरा तलें | कड़ाही में घी या तेल गर्म करके चंद्रकला को धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। |
| 7. चाशनी तैयार करें | अलग बर्तन में चीनी और पानी से चाशनी बनाएं। इसमें स्वाद के लिए इलायची या केसर डाल सकते हैं। |
| 8. चाशनी में डुबोएँ | तली हुई चंद्रकला को तैयार चाशनी में कुछ देर रखें, ताकि मिठास अच्छी तरह अंदर तक पहुंच जाए। |
| 9. सजाकर परोसें | चाशनी से निकालकर ऊपर से मेवे या केसर डालें और स्वादिष्ट चंद्रकला परोसें। |
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उत्तर प्रदेश की अन्य मिठाइयाँ भी नहीं किसी से कम
उत्तर प्रदेश की मिठाई की दुनिया काफी बड़ी है और हर इलाके की अपनी कोई न कोई खास पहचान है। जैसे आगरा का पेठा, मथुरा के पेड़े, अयोध्या की मलाई वाली मिठाइयां, वाराणसी की मलइयो और जलेबी, जौनपुर की इमरती और कानपुर की जलेबी लोगों के बीच काफी पसंद की जाती हैं। इसी मिठाई की परंपरा में बाराबंकी की चंद्रकला भी अपनी अलग पहचान रखती है। खास बात यह है कि इसका स्वाद किसी एक चीज पर निर्भर नहीं करता। इसमें खस्ता मैदा, मलाईदार मावा, मेवे, इलायची और चाशनी मिलकर ऐसा स्वाद तैयार करते हैं, जो इसे दूसरी पारंपरिक मिठाइयों से अलग बनाता है।





