बिहार के सरकारी स्कूलों के बदले नियम, नई टाइमिंग के साथ शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी का वेतन पर पड़ेगा असर

बिहार के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में नई समय-सारणी लागू की गई है। सोमवार से शुक्रवार तक स्कूल सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक और शनिवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक संचालित होंगे।

Shakshi Chauhan

24 अगस्त 2026

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बिहार के सरकारी स्कूलों के बदले नियम, नई टाइमिंग के साथ शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी का वेतन पर पड़ेगा असर

बिहार के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने समय-सारणी और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर नए नियम लागू किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब स्कूलों के खुलने और बंद होने का समय तय कर दिया गया है। साथ ही शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी को वेतन से जोड़ दिया गया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में अनुशासन बढ़ाना और विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाना है।

नए निर्देश के अनुसार बिहार के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूल सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे। वहीं शनिवार को स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे। यानी शनिवार को स्कूलों में हाफ डे रहेगा। यह व्यवस्था स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों के साप्ताहिक कार्यक्रम को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।

इससे पहले गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया था। उस दौरान स्कूल सुबह जल्दी खोले जा रहे थे, ताकि बच्चों और शिक्षकों को तेज गर्मी से परेशानी न हो। गर्मी की छुट्टियों के बाद 1 जुलाई से स्कूलों के लिए सामान्य समय-सारणी लागू कर दी गई थी, जिसमें सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक स्कूल चलाने का निर्देश दिया गया था।

नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर किया गया है। अब शिक्षकों की दैनिक ऑनलाइन हाजिरी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। इसी ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन प्रक्रिया को जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इससे शिक्षकों के लिए समय पर स्कूल पहुंचना और अपनी निर्धारित ड्यूटी पूरी करना जरूरी हो गया है।

नियमों के अनुसार यदि कोई शिक्षक तीन बार स्कूल देर से पहुंचता है या निर्धारित समय से पहले स्कूल छोड़ देता है, तो उसकी एक दिन की सैलरी काटी जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य शिक्षकों में समय की पाबंदी बढ़ाना और स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।

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शिक्षा विभाग ऑनलाइन हाजिरी की निगरानी को लेकर भी गंभीर है। केवल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं माना जाएगा, बल्कि शिक्षक वास्तव में स्कूल में मौजूद हैं या नहीं, इस पर भी नजर रखी जा रही है। फर्जी तरीके से ऑनलाइन हाजिरी लगाने के मामलों में कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कुछ मामलों में पुरानी तस्वीरों का इस्तेमाल कर उपस्थिति दर्ज करने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई और निलंबन तक की चेतावनी दी गई है।

दरअसल, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। यदि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचते हैं और पूरी अवधि तक कक्षाएं लेते हैं, तो बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल सकता है। इसी कारण शिक्षा विभाग का मानना है कि उपस्थिति और समय-सारणी में सख्ती से स्कूलों का माहौल अधिक अनुशासित होगा।

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हालांकि, केवल शिक्षकों की हाजिरी और स्कूल की टाइमिंग बदलने से शिक्षा व्यवस्था में पूरी तरह सुधार नहीं आ सकता। इसका असली फायदा तब दिखाई देगा, जब शिक्षक कक्षा में प्रभावी तरीके से पढ़ाएं और विद्यार्थियों की समझ तथा सीखने के स्तर में सुधार हो। स्कूल में शिक्षक कितने समय मौजूद रहे, इसके साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि उस दौरान बच्चों ने कितना सीखा।

नई समय-सारणी और ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था से बिहार के सरकारी स्कूलों में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। समय पर स्कूल पहुंचना, निर्धारित अवधि तक रहना और बच्चों को बेहतर शिक्षा देना अब व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

आने वाले समय में इन नियमों का पालन कितनी सख्ती से होता है और इसका विद्यार्थियों की पढ़ाई पर कितना असर पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी। कुल मिलाकर शिक्षा विभाग का यह कदम सरकारी स्कूलों में अनुशासन, नियमितता और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
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Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she…और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she still has passion for writing. It was her hobby and now she wants to hone the same and work on it. She really enjoys articulating things in her own way

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