सीरिया पर हमले से पहले मोसाद चीफ की विदेश मंत्री से बात, तुर्की की सैन्य मौजूदगी पर उठे सवाल

सीरिया के अबू अल-दुहुर एयरबेस पर इजरायल के हमले के बाद अब इस पूरे घटनाक्रम से पहले हुई एक अहम बातचीत सामने आई है। Reuters के मुताबिक, मोसाद प्रमुख रोमन गोफमैन ने 14 अगस्त को सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी से फोन पर बात की थी। दोनों के बीच बातचीत में सीरिया में तुर्की की बढ़ती सैन्य मौजूदगी मुख्य मुद्दा रही।

Palak Gupta

20 अगस्त 2026

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सीरिया पर हमले से पहले मोसाद चीफ की विदेश मंत्री से बात, तुर्की की सैन्य मौजूदगी पर उठे सवाल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक नया तनाव अंजाम ले रहा है। सीरिया में इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ती तनातनी एक नया मोड़ ले रही है। सीरियाई एयरबेस पर इजरायल के हमले के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, हमले से महज चार दिन पहले इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख रोमन गोफमैन ने सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी से फोन पर बातचीत की थी।

इस वार्ता के माध्यम से उन्होंने सीरिया में तुर्की सैन्य की मौजूदगी पर चर्चा की। बता दें कि मोसाद प्रमुख रोमन गोफमैन ने 14 अगस्त को सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी से फोन पर बात की थी। दोनों के बीच बातचीत में सीरिया में तुर्की की बढ़ती सैन्य मौजूदगी मुख्य मुद्दा रही। तुर्की की ओर से सीरियाई सेना को हथियार और ड्रोन दिए जाने को लेकर भी सवाल पूछे गए। यह बातचीत इजरायल के एयरबेस पर हमले से चार दिन पहले हुई थी। इसके बाद 18 अगस्त को अबू अल-दुहुर एयरबेस पर इजरायली हमले हुए, जिसके बाद तुर्की और अमेरिका ने भी चिंता जताई।

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इसके अलावा मंगलवार को इजरायल द्वारा किए गए अबू अल-दुहूर एयरबेस कैंप पर हमला करने के बाद, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बयान दिया कि दमिश्क वहां तुर्की सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने ही वाला था। उन्होंने कहा कि इजरायल द्वारा दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करने का खामियाजा भुगतना तो पड़ेगा ही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक गोफमैन और शोनबी के बीच हुई वार्ता का मुख्य मुद्दा सीरिया को तुर्की से मिलने वाली सैन्य मदद का था। इस बातचीत में बताया गया कि तुर्की अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कठोर बनाने के लिए और अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के लिए, हथियारों की बिक्री, ड्रोन की आपूर्ति और अन्य मुद्दों के संबंध में क्या कर रहा है।

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रिपोर्ट्स के जरिये यह भी पता चला कि इजरायल द्वारा किए गए एयरबेस पर हमले का मकसद एयरबेस के रनवे को पूरी तरह से ध्वस्त करने का था। इजरायल द्वारा कई लड़ाकू विमानों का प्रयोग कर इस रनवे को नष्ट करना था। रायटर्स के मुताबिक, 2025 में तुर्की और इजरायल ने सीरिया में किसी भी तरह की सैन्य घटना को रोकने के लिए एक संचार चैनल भी स्थापित किया था। दोनों देशों की सेनाएं सीरिया में अलग-अलग स्तर पर सक्रिय हैं, इसलिए किसी गलतफहमी को रोकने के लिए सीधी बातचीत का महत्व बढ़ जाता है।

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लेकिन अब एयरबेस पर हमले और उसके बाद दोनों देशों के बयानों से साफ है कि तनाव कम करने की चुनौती आसान नहीं होगी। इसके अलावा सीरिया और इराक के लिए अमेरिकी विशेष दूत टॉम बैरक ने इजरायली हमले को क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

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