अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच चल रही जंग को खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिश की जा रही है। इस जंग का असर पूरी दुनिया के तेल बाजार और शिपिंग पर दिखाई देने लगा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़े तनाव ने कई देश की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री इलाकों में से एक है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दे चुके हैं कि अगर तेहरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता तो उसे सरेंडर करना होगा। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई को और आगे बढ़ाया जा सकता है।
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ट्रंप का ईरान को सीधा संदेश
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में स्पष्ट किया है कि अमेरिका ईरान के साथ किसी ऐसे समझौते के लिए तैयार नहीं है जिसमें उनकी शर्तें पूरी न हो जाएं। इसे तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में अगर शिपिंग इसी तरह प्रभावित होती रही तो आने वाले दिनों में ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर दोगुना असर पड़ सकता है।
बता दें कि जून में दोनों पक्षों के बीच एक टेम्पररी समझौता हुआ, युद्ध को रोकने के लिए और आगे बात करने की कोशिश हुई थी, इस समझौते के तहत करीब 60 दिनों के अंदर एक बड़े समझौते तक पहुंचने की कोशिश की जानी थी लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद भी कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया।
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होमुर्ज बना सबसे बड़ा मुद्दा
इस विवाद में होर्मुज स्ट्रेट सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। ईरान और ओमान के बीच इस रूट को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों देश कमर्शियल जहाजों के लिए एक नए शिपिंग रूट पर नई साझेदारी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। दरसअल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, पर्शियन गुल्फ को गुल्फ ऑफ़ ओमान और अरब सागर से जोड़ता है।
इसी कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव को मद्देनजर रखते हुए ईरान ओमान की कोशिश यही है कि शिपिंग के लिए एक ऐसा रास्ता निकल जाए, जिसमें वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को प्रबंधित किया जा सके। इसी बिच ट्रंप ने ओमान को लेकर भी सख्त बयान जारी किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ओमान अमेरिका की कोशिशों के रास्ते में आता है तो उसके खिलाफ भी कड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें कि मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। वहीं अमेरिका WTI क्रूड भी करीब 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज के कच्चे तेल की आपूर्ति में बड़ी रुकावट आती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
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ईरान ने भी तेवर किए सख्त
ट्रंप के बयान के बाद ईरान की तरफ से भी जवाब आया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि अगर बातचीत से कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता है तो ईरान अपने सैन्य रुख को पूरी तरह आक्रामक कर सकता है। ईरान का कहना है कि अब केवल बचाव की रणनीति पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर अमेरिकी दबाव और नाकाबंदी का जवाब सैन्य तरीके से दिया जाएगा।
दूसरी तरफ ईरान ने भी अमेरिका के दबाव के आगे झुकने से साफ इंकार कर दिया। ईरान ने अमेरिका और ट्रंप के इस बयान पर कहा कि वह किसी का भी गुलाम नहीं बनेगा। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी और सैन्य दबाव खत्म नहीं करता, तब तक होर्मुज में सामान्य स्थिति बहाल करना आसान नहीं होगा। दूसरी ओर अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है और ट्रंप ने समझौते को लेकर ईरान के सामने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। इसी वजह से दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता लगातार मुश्किल होता जा रहा है।





