उत्तराखंड के युवक ने बनाई ‘Flying Car’, हुनर देख CM धामी भी हुए प्रभावित

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रवि टम्टा ने एक सीट वाली उड़ने वाली गाड़ी का नमूना तैयार किया है। इसका अल्मोड़ा में परीक्षण भी किया गया। रवि के अनुसार, यह तकनीक पहाड़ी इलाकों में सफर को आसान बनाने में मदद कर सकती है। उनके गांव से करीब 40 किलोमीटर की दूरी सड़क से तय करने में जहां डेढ़ घंटे तक लगते हैं, वहीं हवा के रास्ते यह दूरी करीब 10 मिनट में पूरी करने की संभावना बताई गई है।

Palak Gupta

10 अगस्त 2026

1 min read
उत्तराखंड के युवक ने बनाई 'Flying Car', हुनर देख CM धामी भी हुए प्रभावित

उत्तराखंड के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच फ्लाइंग कार बनाने की कई साल की मेहनत। हाल ही में इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल हो रहा है जहां एक युवक अपनी बनाई हुई हवाई कार में बैठ कर उसे उड़ा रहा है। कई लोगों को लगा कि यह वीडियो AI जनरेटेड है तो उन्होंने उसका समर्थन नहीं किया लेकिन अब जब यह खबर हर जगह फैली तब पता चला कि इसमें एक प्रतिशत भी AI का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

दिखने में ये बहुत छोटी सी है और इसमें पहियों के बजाय चारों तरफ कुल 8 पंखुड़ियां लगी हुई हैं। इन्हीं की मदद से वो हरे-भरे घास के मैदान के बीच से टेक ऑफ करता है और करीब 20 फीट की ऊंचाई पर रहते हुए पूरे ग्राउंड का चक्कर लगाकर वापस उसी जगह सुरक्षित लैंड कर लेता है।

यह भी पढ़ें: बरेली में आरोपी के घर बेड के नीचे मिली लापता महिला, पति ने लगाया धर्मांतरण की कोशिश का आरोप

यह वीडियो 1 मिनट 37 सेकंड की है जिसमें पूरे समय युवक विमान उड़ाता नजर आ रहा है। बता दें कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के काफलीखान गांव निवासी रवि टम्टा ने सिंगल-सीटर फ्लाइंग कार के प्रोटोटाइप का कामयाब परीक्षण करके दुनिया को हैरान कर दिया है।

एक स्टार्टअप के जरिए टम्टा ने हैपिडा स्काईनेक्स का प्रोटोटाइप तैयार किया और उसे करीब एक मिनट तक हवा में उड़ाकर अपने सपनों की फ्लाइंग कार का दम दुनिया को दिखाया। उसने बताया कि इस विमान का निर्माण उसने ड्रोन तकनीक में बदलाव और उसे और एडवांस बनाने की कोशिश में किया।

flying car 1

यह भी पढ़ें: 8 अगस्त की ताजा खबरें: दिनभर की बड़ी हलचल और जरूरी अपडेट एक साथ=

40 किलोमीटर का सफर सिर्फ 10 मिनट में

रवि के अनुसार उनके गांव से करीब 40 किलोमीटर की दूरी सड़क के रास्ते तय करने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। उनका मानना है कि हवा में उड़ने वाली इस तकनीक के इस्तेमाल से यही दूरी करीब 10 मिनट में तय की जा सकती है। रवि की कार 20 फीट से ज्यादा ऊंचाई तक जा सकती है। रवि का दावा है कि यह भारत में बना पहला पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल है।

यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बढ़ सकता है बिजली संकट, पीक आवर्स में 13.9% कमी का अनुमान

सीएम धामी ने दी बधाई

इस शानदार फ्लाइंग कार के इनोवेटर  रवि टम्टा को इस कामयाबी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बधाई दी। सीएम ने कहा कि “उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा जी को ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप के सफल उड़ान परीक्षण पर हार्दिक बधाई। आपकी यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। आपका यह अभिनव प्रयास उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। विश्वास है कि आप भविष्य में भी अपने नवाचारों से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे। आपके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।”

रवि टम्टा का यह प्रयोग अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन उनकी मेहनत ने यह जरूर दिखाया है कि पहाड़ों में रहने वाले युवा भी नए विचारों को हकीकत में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। अभी इस गाड़ी को लंबा सफर तय करना है और कई तकनीकी व सुरक्षा कसौटियों से गुजरना बाकी है, लेकिन रवि की यह कोशिश आने वाले समय में उत्तराखंड के युवाओं के लिए नई उम्मीद और प्रेरणा जरूर बन सकती है।

Palak Gupta
लेखक परिचय
Palak Gupta
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.