भारत में मानसून ने अपना रुख पूरी तरह से बदल दिया है। कहीं पर भीषण गर्मी से लोगों को राहत दिलाने के काम किया तो कहीं पर भारी बारिश से लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा की है। पहाड़ी इलाकों में भीषण बारिश के कारण जलस्तर खतरे के निशान स्तर से कई अधिक ऊपर बढ़ गया है।
मेरठ जिले के हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में गंगा के तेज बहाव और नदी किनारे 220 केवी हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन के तीन विशाल टावर नदी में गिरकर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। टावर के गिरते ही इलाके के आस-पास के लोगों ने लाइव रिकॉर्डिंग शुरू कर सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया।
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यह घटना दौराला के मटौर 765 केवीए स्टेशन से बिजनौर के नहटौर 220 केवी स्टेशन जा रही विद्युत लाइन पर हुई। गंगा नदी के तेज बहाव के कारण पानी तेजी से खड़े टावर को बीच से तोड़कर निकल गया। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इसका सीधा असर गंगा नदी पर पड़ा है। जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी का बहाव तेज हो गया और किनारों पर कटान शुरू हो गया।
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बताया जा रहा है कि नदी का पानी बढ़ते ही पहले टॉवरों के बीच की मिट्टी पानी में बहनी शुरू हुई फिर कुछ ही घंटों में टावर की नींव कमजोर हुई और देखते ही देखते तीनों टावर पल भर में पानी में मिल गए। आसपास मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आपको बता दें कि गंगा नदी में पानी बढ़ने से तटीय इलाकों में तेजी से कटान हो रहा है। शेरपुर गांव के पास नदी के बीच खड़े हाईटेंशन लाइन के टावर बहाव का दबाव झेल नहीं सके और पानी में समा गए। 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन का इस्तेमाल बिजलीघरों से सब-स्टेशनों तक बड़ी मात्रा में बिजली पहुंचाने के लिए होता है।
220 केवी ट्रांसमिशन लाइन का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में बिजली को एक ग्रिड से दूसरे ग्रिड तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। तीन टावर गिरने के बाद इस लाइन का संचालन प्रभावित हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले पर विद्युत विभाग ने किसी प्रकार का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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हालांकि कई क्षेत्रों को सतर्क कर दिया गया है, अगर बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहता है तो निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति आम बन जाएगी।





