राजस्थान में छात्र संघ चुनावी बहाली की मांग तेज, NSUI नेताओं का देर रात वीडियो वायरल आंदोलन जारी रखने का ऐलान। राजस्थान में छात्र संघ चुनाव बहाली के नाम एक बार फिर जोर पकड़ते दिखाई दे रही है कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI आपकी नेताओं ने देर रात वीडियो जारी किया जिसमें राज्य सरकार पर छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज दबाने का आरोप लगाया।
वीडियो में छात्रों ने साफ कहा कि जब तक छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू नहीं किया जा सकते तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा हाल के दिनों में जयपुर सहित कई स्थानों को छात्र नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में इस मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
NSUI नेताओं ने कहा कि छात्र संघ चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं है युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था समझने और नेतृत्व विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं उनके आरोपों की लंबे समय से चुनाव नहीं कराए जाने के कारण वहां कुछ छात्र अपने प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से वंचित है।
छात्र संगठन का मुद्दा नहीं है देखिए पूरे छात्र समुदाय के अधिकारी से जुड़ा विषय है। NSUI नेताओं ने सरकार पर निशाना चाहते हुए कहा कि यदि लोकतंत्र की शुरुआत शिक्षण संस्थानों से ही कमजोर कर दी जाएगी तो भविष्य के नेतृत्व पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा उन्होंने दावा किया के राज्य भर के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के छात्र इस काम के समर्थन में एक जुट हो रहे हैं।
वीडियो में छात्रों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है। पूरी घटनाक्रम के बीच जयपुर में कुछ छात्र नेताओं द्वारा पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किए जाने की घटना भी सुर्खियों में रही है। सरकारी को कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजर अंदाज कर रही है इसलिए उन्हें विरोध का यह रास्ता अपनाना पड़ा उनका कहना है कि जब तक छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित नहीं करते तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
NSUI का कहना है कि छात्र संघ चुनाव के माध्यम से कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों की समस्या प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचा जा सकता है। वाला है कि चुनाव बंद होने के बड़ों से जुड़े कई मुद्दों का संवाद की प्रक्रिया कमजोर हुई है किसी कारण संगठन लगातार चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
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सरकार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई बड़ा आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि यह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाते रहेंगे।
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राजनीतिक जानकारों का मांगना है कि छात्र संघ चुनाव का मुद्दा केवल संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राज्य की राजनीति पर भी देखने को मिलता है। नेताओं ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से ही की थी ऐसे में छात्र संगठन इस मुद्दे को युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देख रहे हैं।
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फिलहाल यह स्पष्ट है कि छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर राजस्थान में आंदोलन क्षमता नजर नहीं आ रही है। NSUI नेताओं के देर रात जारी वीडियो के बाद आंदोलन को नया रास्ता मिला है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और छात्र संगठनों के बीच टकराव और बढ़ सकता है सभी की निगाहें अब इस बात पर सरकार आगे क्या लेना लेती है और छात्र संघ चुनाव को लेकर आगे क्या कदम उठाती है।





