ट्रंप के फैसले से लुढ़का कच्चा तेल, कीमतों में आई बड़ी गिरावट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई। जानिए इसके पीछे की वजह और भारत पर इसका असर।

Palak Gupta

27 जुलाई 2026

1 min read
ट्रंप के फैसले से लुढ़का कच्चा तेल, कीमतों में आई बड़ी गिरावट

लगातार कई दिनों के हमलों के बीच अमेरिका-ईरान के तनाव ने विराम की ओर कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। बता दें कि इस सप्ताह मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव फ़िलहाल शांत है जिसके बाद सोमवार यानी 27 जुलाई 2026 को कच्चे तेल के दामों में पूरे 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

पिछले कई दिनों से अमेरिका ईरान के नए शहरों पर मिसाइल दागे खड़ा था, हर नए दिन की शुरुआत होते ही दोनों देशों की सेना अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाती। लेकिन कुछ समय पहले ही हमलों को रोक दिया गया है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 5 प्रतिशत टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के मुख्य स्तर से नीचे फिसल गई है। इस गिरावट ने वैश्विक कमोडिटी बाजारों के साथ-साथ शेयर बाजारों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने 12वीं रात भी दक्षिणी ईरान पर बरसाए बम

विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रंप के बयान के बाद निवेशकों को यह संकेत मिला कि पश्चिम एशिया में हालात पहले की तुलना में सामान्य हो सकते हैं। इसी उम्मीद में बाजार में सप्लाई को लेकर बनी चिंताएं कम हुईं और निवेशकों ने तेल में मुनाफावसूली शुरू कर दी।

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने ईरान पर लगातार 13वीं रात बरसाए बम, बंदर अब्बास में जोरदार धमाके

क्या था ट्रंप का ऐलान?

इंटरनेशनल रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक तनाव को विराम देने की बात की। उन्होंने आगे के हमलों पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि ईरान अपनी बात रखे और अमेरिका से बातचीत करे इसलिए यह कदम उठाया गया है। उनके इस बयान के बाद बाजार को लगा कि फिलहाल वैश्विक तेल आपूर्ति पर कोई बड़ा खतरा नहीं है।

तनाव कम होने की आहट को भांपकर कई एक्सपर्ट्स यह मान रहे हैं कि विश्व के सबसे संवेदनशील मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पहले की तरह सामान्य हो जाएगी। हालांकि फिलहाल इस मार्ग पर समुद्री यातायात अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है।

यह भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट के पास LPG टैंकर पर मिसाइल हमला, 28 भारतीय सुरक्षित; दूतावास ने जारी किया बयान

ब्रेंट और WTI दोनों फिसले

सोमवार को कारोबार के शुरुआती दौर में ही ब्रेंट क्रूड वायदा 4.89 डॉलर नीचे फिसल गया जिसके बाद 91.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। कारोबार के कुछ समय के लिए क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर से भी नीचे फिसल गई है।

वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में भी गिरावट दर्ज की गई है पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही थीं, लेकिन ट्रंप के बयान ने बाजार की चाल बदल गई। IEG मार्केट के विशेषज्ञ के टोनी साइकमोर ने बयान दिया कि अब यह उम्मीद बढ़ रही है कि विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकल सकता है।  उनके अनुसार, 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MOU) की दिशा में वापसी और होर्मुज पर बढ़ते तनाव के तूफान को रोकने की यह अच्छी बिगिनिंग है।

बता दें कि हमलों के विराम के बाद भी समुद्री व्यापार पूरी तरह से सामान्य स्थिति में नहीं आया है। वहीं रविवार को यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर तट पर सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हमला किए जाने के बाद बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही धीमी हो गई है।

Avatar
लेखक परिचय
Palak Gupta
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,… और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

Leave a Comment