अमेरिका ने 12वीं रात भी दक्षिणी ईरान पर बरसाए बम

अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान के मिसाइल, ड्रोन और एयर डिफेंस ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए हैं। बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि होरमुज जलडमरूमध्य में बढ़ते संकट से वैश्विक तेल बाजार और मध्य पूर्व की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Shakshi Chauhan

23 जुलाई 2026

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अमेरिका ने 12वीं रात भी दक्षिणी ईरान पर बरसाए बम

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ईरान के कहीं सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य ईरान की मिसाइल ड्रोन और समुद्री सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था यह लगातार 12वीं रात है जब अमेरिका की सेवा ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है।

अमेरिकी अधिकारों के मुताबिक इस बार के हमले में मिसाइल लॉन्च ड्रोन निगरानी केंद्र और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि ईरान लगातार अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों और अमेरिकी हितों के लिए खतरा बना हुआ है इसलिए यह कार्रवाई आत्मरक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है।

दूसरी और ईरान में इन मामलों की कड़ी निंदा की है ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका की हर सैन्य कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा ईरान का दावा है कि यदि उसके ठिकानों पर हमला जारी रहे तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डा और सहयोगी देशों को भी निशाना बना सकता है। तनाव का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ Hormuz पर दिखाई दे रहा है।

यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गो में से एक आता है। इस क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत काफी तेजी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञ का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो पूरी दुनिया में ईंधन महंगा हो सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी काम भारी असर पड़ सकता है।

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इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। उन्होंने ईरान से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील भी की हालांकि फिलहाल दोनों देशों के बीच किस समझाने की संभावना बहुत कम दिखाई दे रही है।

क्षेत्र के कई देशों ने भी बढ़ते तनाव पर चिंता जाता है विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देश के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है इससे न केवल तेल आपूर्ति प्रभावित होगी बल्कि वैश्विक बाजार और व्यापार समुद्री परिवहन और ऊर्जा सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं एक तरफ अमेरिका ईरान की सैनी क्षमता को कमजोर करना चाहता है वहीं ईरान जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है ऐसे में आने वाले दिनों में हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं। पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या दोनों देश कूटनीतिक रास्ता अपनाएंगे या फिर या संघर्ष और व्यापक रूप लेगा।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
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Shakshi Chauhan is a college student with a strong passion for writing and creative expression. She enjoys turning her ideas into engaging, relatable stories and often writes about trending and thought-provoking topics. Through her work, she aims to connect with readers while continuously improving her skills as a writer.

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