अमेरिका ने ईरान पर लगातार 13वीं रात बरसाए बम, बंदर अब्बास में जोरदार धमाके। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब और गहरा गया है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने ईरान पर लगातार 13वीं रात हमले किए हैं। यह लगातार तेरहवीं रात है जब अमेरिकी सैन्य ठिकानों से ईरान पर बम बरसाए जा रहे हैं।
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास शहर के पश्चिमी हिस्से में तेज विस्फोट की आवाजें सुनी गईं, जिससे शहर में दहशत फैल गई। बंदर अब्बास ईरान का एक अहम बंदरगाह शहर है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के करीब स्थित है।
इसी बीच यमन में मौजूद ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है।
इन घटनाओं का सीधा असर दुनिया भर के तेल बाजार पर पड़ा है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने से ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत में 6% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, और यह करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह मई महीने के बाद तेल की सबसे ऊंची कीमत है। अगर यह टकराव इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिसका असर दुनिया भर के देशों पर पड़ेगा।
यह ताजा तनाव ऐसे समय बढ़ा है जब ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर टकराव पहले से ही तेज हो चुका है। यह वही अहम समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अपना तेल आयात करता है, इसलिए इसका बंद होना पूरी दुनिया के लिए बड़ी चिंता की बात है। इसके अलावा हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब नाम के एक और महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ते को भी खतरे में डाल दिया है, जिससे शिपिंग कंपनियों में डर का माहौल है।
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अमेरिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर हूती विद्रोहियों ने जहाजों पर हमला जारी रखा, तो उन्हें बड़ी सैन्य सजा भुगतनी पड़ेगी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी अपने ताजा हमलों की जानकारी देते हुए कहा कि इन हमलों का मुख्य मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह आम नाविकों और व्यापारिक जहाजों को धमका सके।
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दरअसल अमेरिका होर्मुज जलमार्ग पर फिर से कंट्रोल हासिल करना चाहता है, ताकि शिपिंग गतिविधियां सामान्य तरीके से चल सकें। लेकिन ईरान ने अपनी तरफ से इस अहम रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ता यह टकराव आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।





