शुक्रवार को ईरान के जलक्षेत्र में एक बड़ी घटना हुई। यहां एक LPG यानी लिकफाइड पेट्रोलियम गैस ले जा रहे टैंकर पर मसाइल हमला किया गया। इस जहाज पर कुल 28 भारतीय नाविक सवार थे। राहत की बात यह है कि सभी भारतीय सुरक्षित बताए जा रहे हैं। तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की है और कहा है कि वे इस पूरे मामले पर बारीक से नजर रखे हुए हैं और संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफर्म एक्स पर एक बयान जारी करके बताया कि जिस जहाज पर हमला हुआ, उसका नाम ‘दिशा’ है। यह टैंकर मोजम्बिक देश के झंडे के साथ समुद्र में चल रहा था। दूतावास ने साफ कहा कि इस टैंकर पर सवार सभी भारतीय चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिससे बड़ी राहत मिली है।
भारतीय समुद्री कर्मचारियों के एक संगठन, फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, यह हमला होर्मुज स्ट्रेट के पास हुआ। हमले के समय टैंकर फारस की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा था। यह हमला किसी अज्ञात मिसाइल से किया गया। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
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इस घटना ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जलमार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है और दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है। ताजा तनाव शुरू होने से पहले दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होकर गुजरती थी, इसलिए यह इलाका पूरी दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
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दरअसल अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। जुलाई की शुरुआत में दोनों देशों के बीच जो अस्थायी युद्धविराम हुआ था, वह अब टूट चुका है। इसके बाद से लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
भारतीय दूतावास ने आश्वासन दिया है कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा, ताकि किसी भी भारतीय को कोई नुकसान न पहुंचे।





