जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद ईरान पर फिर बरसे बम, हमलों में 50 की मौत

जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद अमेरिका ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलों में 50 लोगों की मौत हुई। जानें पूरा घटनाक्रम और इसका वैश्विक असर।

Palak Gupta

20 जुलाई 2026

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जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद ईरान पर फिर बरसे बम, हमलों में 50 की मौत

अमेरिका-ईरान के बीच भीषण युद्ध विराम लेने का नाम नहीं ले रहा है। अमरीका निरंतर ईरान के सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को ठेस पंहुचा रहा है वहीं ईरान भी अमेरिका के हमले का पलटवार कर रहा है। दोनों देशों के बीच की लड़ाई अब दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है। कल से ईरान लगातार जॉर्डन पर मिसाइलें दागे खड़ा है जिसके कारण कल तक 2 अमेरिकी सैनिक के मौत हो गई थी जिसमें 1 गुमशुदा था।

इसी बीच अमेरिका ने अपने एक और सैनिक की जान जाने की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि अभी तक कुल 17 अमेरिकी सैनिक की जान चली गई है। यहीं तक ही नहीं ईरान ने भीषण हमलों का काफिला सोमवार को फिर से शुरू का दिया है। यूएस सेंटकाम ने बताया कि रविवार को ईरान के तटीय क्षेत्रों में सर्विलांस और एयर डिफेंस फैसिलिटीज के साथ-साथ आईआरजीसी ठिकानों पर भी हमले किए गए।

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इन हमलों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना को ईरान पर जोरदार हवाई हमलो का निर्देश दिया। CENTCOM के अनुसार हमला करने का मकसद हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और IRGC को जवाब देना है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका लगातार सातवीं रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चला रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और गहरा गया है।

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बोलिस्टिक मिसाइल से ईरान ने किया वार

अमेरिका का आरोप है कि शुक्रवार रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के पीछे IRGC का हाथ था। अमेरिकी सेना ने बताया कि 17 जुलाई को ईरानी हमलों के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, जबकि एक सैनिक लापता है. इसके अलावा चार घायल सैनिकों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जिन्हें बाद छुट्टी दे दी गई। अन्य घायल सैनिकों ने उपचार के बाद फिर से ड्यूटी संभाल ली है। CENTCOM ने बयान दिया कि शहीद सैनिकों की पहचान अभी रिवील नहीं की जाएगी, उनके परिवारों से पुष्टि करने के बाद ही नाम जारी किये जाएंगे।

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ईरान ने किए हमलों का दावा

ईरानी सेना और ईरानी समाचार एजेंसी ने बताया है कि ईरानी सेना अमेरिका पर किये जाने वाले हमले को ऑपरेशन लाइटनिंग कह रहा है। ईरानी सेना ने बताया कि यह ऑपरेशन अपने 14वें चरण पर है जिसमें सैनिकों ने कुवैत और जॉर्डन सिटीज़ को भयंकर निशाना बनाया है।  ईरान के मुताबिक, जॉर्डन स्थित अमेरिका के ‘अल-अजराक एयर बेस’ पर ड्रोन से हमला कर वहां के फ्यूल स्टोरेज (ईंधन डिपो) को निशाना बनाया था। ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सेना के अली अल-सलेम एयर बेस, अल-उदैरी कैंप के गोला-बारूद डिपो और अन्य सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए।

हाल ही में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त एयर स्ट्राइक करते हुए रविवार को कम से कम 50 ईरानी सैनिकों को मौत के घाट उतरा वहीं 517 अन्य लोग गंभीर हालत में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही, तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी क्षेत्र, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,… और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

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