कुल्लू में बादल फटने के बाद उफान पर ब्यास नदी, पंडोह डैम के पांचों गेट खोले गए

अभी हाल फिलहाल में ही हिमाचल प्रदेश में कुल्लू में बादल फट गया है जिस वजह से डैम के गेट खोल दिए गए हैं। वह लोग जो सफर करने के लिए कुल्लू आते हैं और जो लोग नदियों के पास रहते हैं उनको सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

Shakshi Chauhan

8 जुलाई 2026

1 min read
कुल्लू में बादल फटने के बाद उफान पर ब्यास नदी, पंडोह डैम के पांचों गेट खोले गए

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही है बहुत तेज बारिश लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ चुकी है। एक वक्त था जब लोग गर्मी से जूझ रहे थे और अब वक्त है जब लोग बारिश से जूझ रहे हैं। बारिश में धरती का तापमान तो घटा दिया है और गर्मी से राहत तो दिला दी है लेकिन उससे ज्यादा बड़ी समस्याएं दे दीं हैं।

हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू जिले में बादल फटने की घटना के बाद ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ चुका है। नदी में अचानक पानी का बड़ा बहुत तेज हो चुका है और पंडोह डैम के सभी गेट खोलने पड़े। जब यह डैम के गेट खुले तो लोगों को सतर्क रहने की सलाह दि गई। जानकारी के अनुसार कल्लू की गड़सा घाटी में तेज बारिश के बीच बादल फट चुका था इसके कारण बड़ी मात्रा में पानी और मालवा नालों से ब्यास नदी में पहुंच गया।

इससे नदी का जलस्तर एकदम बहुत ज्यादा बढ़ गया और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी बन चुके थे। प्रशासन लगातार इस पर नजर रखे हुए हैं।
ब्यास नदी में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए पंडोह डैम के गेट खोल दिए गए ताकि पानी को लेकर सुरक्षा बनी रहे। एकदम से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के किनारे रहने वाले लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी तरह का जोखिम न ले और नदी के आसपास ना जाए।

Dam
Pandoh Dam in Himachal Pradesh Image: Pexels

यह भी पढ़े: मानसून का कहर तेज, दिल्ली-NCR में बारिश शुरू; मुंबई से यूपी तक कई राज्यों में IMD का अलर्ट

भारी बारिश का असर बिजली उत्पादन पर भी बहुत ज्यादा पड़ा है बहुत ज्यादा मात्रा में सिल्ट आने की वजह से कुछ जल विद्युत परियोजनाएं का संचालन प्रभावित हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीम लगातार प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रही है। जहां जरूरत पड़ रही है वहां राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है।

मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना बताई है ऐसे लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है जो नदी के आसपास रहते हैं। प्रशासन ने खास तौर पर पर्यटकों से अपील की है कि वह नदी नाले और पहाड़ी ढलनों के पास जाने से बचे। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।

और पढ़े: मुंबई में आज स्कूल बंद रहेंगे या नहीं? प्राइवेट ऑफिस में WFH को लेकर BMC ने जारी किया स्पष्टीकरण

कई जगहों पर सड़के भी प्रभावित हुई है जिससे आने जाने में परेशानी हो रही है। ऐसे नहीं यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति को जान लेना ज्यादा ठीक रहेगा। बताया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश में हर साल मानसून के दौरान बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाएं देखने को मिलती है पहाड़ी क्षेत्रों में कम समय में बहुत अधिक बारिश होने से नदियां और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है यही कारण है कि प्रशासन मानसून के दौरान लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील करता है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो प्रभावित क्षेत्रों में तिकरित सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं प्रशासन में लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए कहा है और अपनी सुरक्षा करने के लिए कहा है।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she…और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she still has passion for writing. It was her hobby and now she wants to hone the same and work on it. She really enjoys articulating things in her own way