राम मंदिर दान चोरी केस में बड़ी मछलियों पर शिकंजे की तैयारी, साइबर एक्सपर्ट खंगाल रहे पुराने रिकॉर्ड

राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। साइबर एक्सपर्ट्स पुराने डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।

Palak Gupta

6 जुलाई 2026

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राम मंदिर दान चोरी केस में बड़ी मछलियों पर शिकंजे की तैयारी, साइबर एक्सपर्ट खंगाल रहे पुराने रिकॉर्ड

भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में स्थित राम मंदिर पर ना-ना प्रकार में मुद्दे सामने आ रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही चांदी के दान से जुड़े सवालों ने आराम लिया था अब चोरी और घोटाले के नए मुद्दे ने पूरे अयोध्या में हड़कंप मचा रखा है। इसी बीच कई बातें पुलिस अधिकारियों ने साफ़ की तो कहीं राजनैतिक बयानबाजी भी हुई।

हाल ही हुए राम मंदिर चोरी के मामले में जांच एजेंसियों ने नए तथ्यों को जड़ से निकाला है। राम मंदिर के घोटाले की जांच अब निर्णय के स्तर पर पहुंचने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक साइबर एक्सपर्ट्स की टीम पुराने डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग ट्रांजैक्शन्स, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फोरेंसिक जांच कर रही है।

जांच एजेंसियों ने फोरेंसिक रिसर्च में यह ढूंढ निकाला है कि घोटाले के इस मुद्दे में सिर्फ टिन्नू या उसकी गैंग का ही नहीं बल्कि बड़ी मछलियों का भी हाथ दिख रहा है। अभी तक पुलिस टीम ने आरोपियों के फ़ोन की डिटेल्स जैसे किसको कब कॉल करते थे, व्हाट्सएप्प की चैट्स, टेक्स्ट मैसेज और सोशल मीडिया की जानकारी को लेकर जांच की जा रहीं है।

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आखिर क्या है पूरा मामला ?

दरअसल राम मंदिर घोटाले और चोरी की कहानी मंदिर के प्रांगण से ही हुई जहां चांदी के बने काकभुशुंडी के गायब होने की ख़बरें पूरे सोशल मीडिया और अयोध्यावासियों के बीच आग की तरह फ़ैल रही थी। हालांकि इस चर्चे के विषय में मंदिर के कारसेवकों ने सभी को विश्वास दिलाया की काकभुशुंडी सुरक्षित है तथा लोगों से आग्रह किया कि ऐसी अफवाहों को सच न मानें। इस मामले के शांत होते ही सामने आया एक ऐसी गैंग का रहस्य सामने आया जहां मंदिर के सेवक रामशंकर यादव जिसको सब टिन्नू के नाम से जानते है, अपने गैंग मेंबर्स से मिलकर लोगों की VIP पास के चक्कर में फंसाता था।

टिन्नू को सब छोटू के नाम से जानते थे जो की गैंग के साथ मिलकर लोगों से VIP पास को बेचकर लाखों रुपये कमाता था। पुलिस अधिकारियों की जांच के बाद यह सामने आया कि टिन्नू कई होटल वालों के साथ मिलकर यह धांदली करता था और इनका मैन टारगेट बाहर से आये लोग होते है।

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जांच में साइबर एक्सपर्ट्स की एंट्री

मामला धीरे-धीरे इतना गंभीर हो गया की पुलिस अधिकारीयों ने साइबर एजेंसियों की सहायता लेकर इस मुद्दे को निचले स्तर से खंगालना शुरू किया। हालांकि अभी पुलिस अधिकारियों ने अविनाश शुक्ल और टिन्नू के डिजिटल अकाउंट्स और ट्रांसक्शन से संबंधित पुख्ता सबूत ढूंढने का कार्य शुरू किया है। इस जांच के माध्यम से अन्य लोगों की भूमिका को आंका जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने साइबर एजेंसियों की सहायता इसलिए ली है क्योंकि यह मामला सभी अयोध्यावासियों और राम भक्तों के विश्वास को हानि पहुंचने का है इसके आलावा इस मामले ने पहले से अधिक गंभीरता पकड़ ली है इसलिए किसी भी व्यक्ति पर बिना किसी पुख्ते सबूत के या ठोस डिजिटल रिसर्च के इल्ज़ाम लगाना मानहानि के बराबर होगा।

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जांच के दौरान पता लगाया गया कि डेटा डिलीट किया गया है जिसको पुलिस ने मिनटों में रिकवर कर लिया इसके अलावा कुछ आरोपियों के नए फ़ोन के साथ पुराने फ़ोन को हटा लिया गया। इन डिवाइस को लेकर फोरेंसिक जांच अभी भी जारी है। साइबर फॉरेंसिक और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से एजेंसियां पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.