ग्वालियर में लव जिहाद का मामला, बंटी कुशवाह बनकर अयूब खान ने की शादी; 15 साल बाद खुला राज

ग्वालियर में एक महिला ने अपनी पति पर पहचान छिपाकर शादी करने का आरोप लगाया है ।महिला ने धर्म परिवर्तन के लिए आरोप और धमकी देने ला भी आरोप लगाया है। फ़िलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही कानून कार्यवाही शुरू की जाएगी।

Shakshi Chauhan

4 जुलाई 2026

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ग्वालियर में लव जिहाद का मामला, बंटी कुशवाह बनकर अयूब खान ने की शादी; 15 साल बाद खुला राज

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिस ने सबका ध्यान अपनी और खीच लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक महिला ने आरोप लगाया है की एक व्यक्ति ने अपनी असली पहचान छुपाकर ख़ुद को बंटी कुशवाहा बताया है। और उसे शादी कर ली, बाद में महिला को पता चला की उसका असली नाम अयूब ख़ान है। महिला का कहना है की, करीब पंद्रह साल तक इसे यह सचाई की जानकारी नहीं थी।

महिला के अनुसार शादी के बाद दोनों एक सामान्य पति पत्नी की तरह साथ में रहते थे। समय के साथ उनके परिवार में बच्चे भी हुए और उनका जीवन सामान्य रूप से चलता रहा। लेकिन कुछ समय बाद महिला को अपने पति की पहचान को लेकर शक हुआ। उसने इस बारे में जानकारी जुटानी शुरू की, और कुछ दस्तावेज़ व अन्य जानकारी के आधार पर महिला को पता चला की उसके पति की असली पहचान तो कुछ और ही है। इसके बाद महिला ने पुलिस को संपर्क किया व शिकायत दर्ज कड़ी।

महिला ने यह भी आरोप लगा की सचाई सामने आने कि बाद उस पर धर्म परिवर्तन करने के दबाव भी बनाया गया। महिला का कहना है की, जब उसने अयूब ख़ान का विरोध किया तो उसे और उसके परिवार को धमकिया भी दी गई। इन आरोपों के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज की और जांच करनी शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी कहना है की मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है, और सभी चीज की सावधान से जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

ऐसे मामलों में ये ज़रूरी है की किसी भी व्यक्ति की पहचान, शादी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की पहले ही स्पष्ट कर लिया जाए। यदि कोई व्यक्ति जानबूझ कर अपनी पहचान छिपाकर किसी को धोखे में रखता है , तो ऐसा करने से रिश्ते में विश्वास टूट सकता है। साथ ही ऐसे मामलों को समाज पर भी असर पड़ता है। इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए और किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहला पूरी जानकारी इकट्ठा कर लेनी चाहिए।

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यह भी ध्यान रखना चाहिए की किसी भी मामले में आरोप लगा अंतिम सत्य नहीं होता। जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाति और अदालत अपना निर्णय नहीं सुना देती तब तक किसी को दोषी या निर्दोषी नहीं बोल सकते। इसलिए समाज के लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। कानून सभी नागरिकों को सामान्य अधिकार देता है और हर मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
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Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she…और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she still has passion for writing. It was her hobby and now she wants to hone the same and work on it. She really enjoys articulating things in her own way