प्रयागराज में अनोखा ATM फ्रॉड, बैंककर्मी बन जान लिया PIN और किया खेल

ठगों ने बैंक कर्मी बनकर चालाकी से हजारों रुपए एटीएम कार्ड से चोरी किए। प्रयागराज के एटीएम में हुई शातिर चोरी।
प्रयागराज में अनोखा ATM फ्रॉड, बैंककर्मी बन जान लिया PIN और किया खेल
प्रयागराज ATM फ्रॉड: फेवीक्विक लगाकर ठगी, बैंककर्मी बनकर उड़ाए हजारों रुपये, पुलिस जांच में जुटी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक बैंक कर्मी बनकर आए चोर ने एटीएम से हजारों रुपये चुरा लिए। प्रयागराज के एटीएम से बिना किसी को पता चले चोरी करके फरार हो गए। यह एक हैरान कर देने वाला एटीएम फ्रॉड का मामला है, जहां ठगों ने बड़ी चालाकी से लोगों को निशाना बनाकर उनके खाते से पैसे उड़ा लिए।

बताया जा रहा है कि चोर ने बड़ी चालाकी से एटीएम के कार्ड स्लॉट में फेविक्विक लगा कर हजारों रुपए अंदर कर लिए। फेविक्विक के कारण कार्ड वहीं फ्रीज हो गया, जिससे चोरी को अंजाम दिया गया। दरअसल ठगों ने पहले से ही अपना टारगेट सेट कर रखा था, जैसे ही वो एटीएम में पैसे निकालने पहुँचा, और कार्ड मशीन में डाला वैसे ही कार्ड मशीन से चिपक गया। वो काफी देर तक परेशान रहता रहा, तब वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने और शिकायत करने की सलाह दी।

जब पीड़ित ने फोन किया तो ठगों ने बैंककर्मी बनकर उससे सारी जानकारी और एटीएम की पिन भी मांग ली। काफी कोशिश के बाद भी जब कार्ड नहीं निकला तो पीड़ित कार्ड छोड़कर चला गया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने प्लास की मदद से कार्ड निकाल लिया। अपराधियों ने उसी कार्ड का इस्तेमाल कर बैंक से हज़ारों रुपए निकाल लिए।

कार्ड से की शॉपिंग, उड़ाए पैसे

पुलिस वालों के मुताबिक, आरोपियों ने एक शख्स के कार्ड का इस्तेमाल करके करीब ₹18,000 की शराब खरीद ली। इतना ही नहीं, और भी कई ट्रांजैक्शन होने की संभावना जताई जा रही है।

आरोपियों ने संगम ट्रेडर्स शराब की दुकान पर भी कार्ड का इस्तेमाल किया। यहां पहले 10,300 रुपए और फिर 5,150 रुपए की शराब खरीदी। अलग-अलग स्थानों पर किए गए नकद निकासी और कार्ड ट्रांजेक्शन को मिलाकर कुल 71,050 रुपए खाते से निकाल लिए गए। यह ठग यहां भी नहीं रुके पहले उन्होंने यूनियन बैंक से 25 हजार निकाले फिर कई अन्य जगहों पर ट्रांजैक्शन के लिए कार्ड का इस्तेमाल किया। इस मामले में शख्स को तब पता चला जब उसके फोन पर ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे। खाते से रकम कटने की जानकारी मिलने पर परिवार को ठगी का पता चला।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज से सुराग की तह तक पहुँचने की कोशिश की जा रही थी ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि यह कोई संगठित गैंग हो सकता है, जो इस तरह के फ्रॉड को अलग-अलग शहरों में अंजाम देता है।

ये फ्रॉस्टर्स, व एटीएम फ्रॉड से कैसे बचें?

  • एटीएम फ्रॉड से बचने के लिए सबसे पहले एटीएम मशीन का इस्तेमाल करने से पहले उसे ध्यान से चेक करें और अगर किसी भी तरह की छेड़छाड़ दिखे तो वहाँ ट्रांजैक्शन ना करें।

  • हमेशा कोशिश करें कि ATM का इस्तेमाल भीड़-भाड़ वाले और सुरक्षित जगहों पर ही करें, क्योंकि सुनसान जगहों पर लगाई गई ATM मशीनों में छेड़छाड़ की संभावना ज्यादा होती है। अगर ATM के आसपास कोई व्यक्ति बार-बार नजर आ रहा हो तो सतर्क हो जाएं।

  • PIN डालते समय हमेशा कीपैड को हाथ से ढककर रखें ताकि कोई उसे देख न सके। इसके अलावा, अपने मोबाइल पर SMS और बैंक अलर्ट हमेशा चालू रखें ताकि किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिल सके।

प्रयागराज पुलिस ने ATM के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश जारी है। शुरुआती जांच में ये सामने आया है कि ठग पहले खुद को बैंककर्मी बताकर लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर इसी तरह की चालाकी से फ्रॉड करते हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की टीम को भी जांच में शामिल किया गया है, ताकि ट्रांजैक्शन की डिटेल और इस्तेमाल किए गए कार्ड की गतिविधियों को ट्रैक किया जा सके।

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