यूपी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा का कटऑफ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड अपनी ऑफिसियल वेबसाइट पर निकालने की योजना बना रहे हैं। यूपी कांस्टेबल एग्जाम 2026, 8 जून से 10 जून तक हुआ था, जिसमें कुल 300 अंकों के 150 प्रश्न आए थे। एग्जाम के बाद अब एपेयर होने वाले विद्यार्थियों के बीच कटऑफ जानने की बड़ी लहर उठ रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 के रिजल्ट्स से पहले उम्मीदवारों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस बार कटऑफ कितनी जा सकती है और उनके स्कोर पर फिजिकल (PET/PST) के लिए चयन होने की संभावना कितनी है। लाखों विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया है।
बताया जा रहा है कि इस बार का पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर पिछले साल के मुकाबले आसान था। पेपर में किसी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग नहीं थी तो यह विद्यार्थियों के लिए और आसान बन गया। यदि पिछले साल यानी 2023 की कट ऑफ देखी जाए तो उसमें बहुत कंपटीशन देखने को मिला।
इस बार का कट ऑफ क्या हो सकता है?
कटऑफ सिर्फ अंकों का खेल नहीं है, इसके पीछे कई अहम कारण होते हैं। सबसे पहला फैक्टर है परीक्षा की कठिनाई अगर पेपर आसान होता है, तो ज्यादा उम्मीदवार अच्छे अंक लाते हैं, जिससे कटऑफ बढ़ जाती है। दूसरा बड़ा फैक्टर है कुल पदों की संख्या जितनी ज्यादा वैकेंसी होगी, कटऑफ उतनी ही बैलेंस्ड रहती है।
पिछले सालों के ट्रेंड, परीक्षा के लेवल और उम्मीदवारों की संख्या को देखकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार कटऑफ थोड़ी ऊंची रह सकती है। सामान्य वर्ग के लिए कटऑफ 185-200 अंक तक रहने का अंदाजा है। OBC के लिए यह 175-190, SC के लिए 155-170 और ST के लिए 140-155 के आसपास हो सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर पेपर आसान रहा या ज्यादा उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया, तो कटऑफ 5-10 अंक और ऊपर जा सकती है।
फिजिकल टेस्ट का चांस कितने नंबर पर बनता है?
अगर 190 या उससे ज्यादा अंक आते हैं तो सामान्य वर्ग में फिजिकल के लिए आपका सिलेक्शन लगभग पक्का माना जा सकता है। वहीं 175-190 अंक वाले उम्मीदवारों को ‘सेफ जोन’ और ‘बॉर्डरलाइन’ के बीच रखा जा सकता है, जहां अंतिम कटऑफ तय करेगी कि चयन होगा या नहीं।
अगर अंक 160-175 के बीच हैं, तो आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अभी भी उम्मीद बनी रह सकती है। हालांकि सामान्य वर्ग के लिए इस रेंज में फिजिकल टेस्ट के लिए एलिजिबल होना थोड़ा मुश्किल माना जा रहा है। इससे कम स्कोर वाले उम्मीदवारों को अगले प्रयास की तैयारी के साथ रिजल्ट का इंतजार करना चाहिए। हालांकि फिजिकल टेस्ट के लिए एलिजिबिलिटी वर्गों पर भी निर्भर करती है।
यह भी पढ़े: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, कितने सांसदों का समर्थन जरूरी?









