हिमाचल प्रदेश की सरकार ने विकास की ओर एक और नया कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में व्यवसाय करने में आसानी (Ease of Doing Business) को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियाँ चलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में व्यवसाय करने में सुगमता बढ़ाने के लिए सभी सेवाओं को ऑनलाइन और डिजिटाइज करने के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि उन्होंने यह फैसला मंगलवार यानी 9 जून की बैठक में लिया है। अब राज्य की ज्यादातर सरकारी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी की जा रही है, जिससे न सिर्फ कारोबार करना आसान होगा बल्कि युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
उन्होंने शत्रों में की जाने वाली सभी सेवाएं जैसे प्रमाण-पत्र और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन और डिजिटाइज करने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार का यह मानना है कि लोगों को आम व छोटे सरकारी कार्यों के लिए भी लंबी लाइनों में लगना पड़ता है जिससे कि उनका अधिकतम समय व्यर्थ चला जाता है।
सरकार का उद्देश्य है कि निवेशकों और उद्यमियों को लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, परमिट और अन्य जरूरी मंजूरियां एक ही डिजिटल पोर्टल पर आसानी से मिल सकें। इससे पहले जहां इन प्रक्रियाओं में लंबा समय और कागजी कार्रवाई लगती थी, अब उन्हें तेज, पारदर्शी और सरल बनाया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से क्या लाभ मिलेंगे?
- नई व्यवस्था के तहत सभी विभागों को एक साथ मिलाकर सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार और देरी की समस्या कम होगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
- सरकार का मानना है कि डिजिटल गवर्नेंस से प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और छोटे-बड़े उद्योगों को बराबर के अवसर मिलेंगे। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा राज्य के युवाओं को मिलने वाला है।
- व्यवसायी को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप, MSME और लोकल बिजनेस को आसान रजिस्ट्रेशन और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- सरकार युवाओं को ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल टूल्स भी उपलब्ध कराएगी, जिससे वे अपने बिजनेस को आसानी से शुरू और बढ़ा सकें। इससे ई-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया की तरफ बड़ा कदम बढ़ाया जाएगा, जो हर दूरी को कम कर देगा। वहीं दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है और उसके साथ सरकार ने डिजिटलाइजेशन का फैसला लेकर बिजनेस और निवेशकों दोनों को आकर्षित किया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की यह पहल राज्य को डिजिटल और उद्यमशीलता के नए युग में ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। अगर यह योजना सफल हो जाती है, तो हिमाचल न सिर्फ पर्यटन बल्कि बिजनेस और स्टार्टअप हब के रूप में भी अपनी पहचान बना सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवसाय करने में आसानी को और मजबूत बनाने के लिए अनुपालन प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने पर काम कर रही है। इसके साथ ही, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके कल्याण को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जा रही है।
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