सिकरीगंज के जद्दूपट्टी स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में 1 फरवरी को हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण ने गंभीर रूप ले लिया है। इस घटना में अब तक 12 मरीज अपनी एक-एक आंख की रोशनी गंवा चुके हैं। संक्रमण इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों को उनकी संक्रमित आंख निकालनी पड़ी। लगभग 30 मरीजों का ऑपरेशन किया गया था, जिनमें से पांच अन्य की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के चार से छह घंटे के भीतर ही कई मरीजों को आंख में तेज दर्द, सूजन और मवाद आने की शिकायत शुरू हो गई। कुछ मरीजों को उल्टी और दस्त की समस्या भी हुई। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य परेशानी समझा, लेकिन जब तकलीफ बढ़ती गई तो अस्पताल को सूचना दी गई।
कई मरीजों को तुरंत बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ा। पांच मरीजों को लखनऊ, पांच को दिल्ली और एक को वाराणसी भेजा गया, जहां उनका इलाज किया गया। कुछ मरीज अब घर लौट आए हैं, जबकि कई का इलाज और फॉलोअप जारी है।
जिन 12 मरीजों की आंख निकाली जा चुकी है, उनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। अधिकतर मरीजों का इलाज दिल्ली के एम्स, लखनऊ और वाराणसी के अस्पतालों में कराया गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद अचानक हालत बिगड़ना बेहद चिंता की बात है।
घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को सील कर दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच समिति गठित कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
जिलाधिकारी ने भी मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मेडिकल टीम ने अस्पताल के दस्तावेज जब्त किए हैं और दवाओं व उपकरणों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम ने भी संक्रमण की वजह जानने के लिए सैंपल लिए हैं।
प्राथमिक जांच में सूडोमोनास नामक बैक्टीरिया की आशंका जताई गई है। यह एक खतरनाक अस्पतालजनित संक्रमण माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन थिएटर की सफाई या उपकरणों की स्टरलाइजेशन प्रक्रिया में कमी के कारण संक्रमण फैला हो सकता है। हालांकि अंतिम पुष्टि कल्चर रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
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अस्पताल का पुराना रिकॉर्ड भी सवालों में है। पहले भी अनियमितताओं के कारण इस अस्पताल पर कार्रवाई हो चुकी है। फिलहाल प्रशासन मरीजों के बयान दर्ज कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










