92 साल की उम्र में भी ऑपरेशन कर रहीं डॉक्टर, जुनून की मिसाल बनीं

हैदराबाद की 92 वर्षीय स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरी श्रीमाथी आज भी 68 साल के मेडिकल अनुभव के साथ रोज मरीजों का इलाज कर रही हैं। 1958 से शुरू हुआ उनका सफर आज भी जारी है, जहां वे जरूरत पड़ने पर खुद सिजेरियन ऑपरेशन करती हैं। योग, अनुशासित जीवनशैली और अपने पेशे के प्रति समर्पण ने उन्हें चिकित्सा जगत की प्रेरणादायक मिसाल बना दिया है।

Shakshi Chauhan

28 जुलाई 2026

1 min read
92 साल की उम्र में भी ऑपरेशन कर रहीं डॉक्टर, जुनून की मिसाल बनीं

जब भी डॉक्टरों के अनुभव की बात होती है, तो आमतौर पर 30, 40 या ज्यादा से ज्यादा 50 साल का अनुभव सामने आता है। लेकिन हैदराबाद में रहने वाली डॉक्टर सूरी शमाथी इस मामले में बिल्कुल अलग मिसाल हैं। उनके पास करीब 68 साल का मेडिकल अनुभव है।

1958 में एमबीबीएस पूरी करने के बाद उन्होंने अपना करियर शुरू किया था, और आज 92 साल की उम्र में भी वे रोज मरीजों को देखती हैं। जरूरत पड़ने पर वे आज भी सिजेरियन डिलीवरी खुद करती हैं।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस उम्र में भी उनके हाथ बिल्कुल नहीं कांपते। जब उनसे पूछा गया कि क्या ऑपरेशन के दौरान कभी उनके हाथ कांपते हैं, तो उनने साफ इनकार करते हुए अपने हाथ दिखाए। उनकी सहयोगी डॉक्टर रजनी कुमारी बताती हैं कि योग, ध्यान, संतुलित खानपान, अपने पेशे के प्रति समर्पण और अनुशासित जीवनशैली ही इसकी असली वजह है। डॉ. श्रीमाथी खुद कार चलाकर अस्पताल जाती हैं और उनकी याददाश्त भी बेहद तेज है।

Doctor 2
Doctor Suri Images: Wikimedia

डॉ. श्रीमाथी को यह खास सम्मान भी हासिल है कि उन्होंने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों दादी, मां और बेटी तक का प्रसव कराया है। कई मरीज उन्हें अपने बचपन की तस्वीरें दिखाकर कहते हैं कि उनका जन्म उन्होंने ही कराया था।

उनकी पुरानी मरीज तुलसी बताती हैं कि पहली बार उन्ह डर लगा था कि इतनी उम्र की डॉक्टर ऑपरेशन ठीक से कर पाएंगी या नहीं, लेकिन बाद में उनका भरोसा पूरी तरह बदल गया। एक इमरजेंसी के दौरान डॉ. श्रीमाथी चाय तक पिए बिना तुरंत अस्पताल पहुंच गई थीं और मां-बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक खाना भी नहीं खाया।

यह भी पढ़ें: PM मोदी का पोस्ट हटाने पर Meta ने मांगी माफी, कहा- तकनीकी गलती से हुआ था रिमूव

मेडिकल फील्ड में लगातार आने वाली नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखने के लिए वे आज भी मेडिकल कॉन्फ्रेंस में शामिल होती हैं और रिसर्च पेपर पढ़ती हैं। उनकी सहयोगी डॉक्टर रजनी कुमारी, जो 1986 से उनके साथ काम कर रही हैं, उन्हें अपना गुरु मानती हैं और कहती हैं कि सर्जरी उन्होंने ही सिखाई।

यह भी पढ़ें: कपिल सिब्बल ने CJP को ₹1 करोड़ देने का ऐलान, छात्रों की कानूनी मदद के लिए बढ़ाया हाथ

डॉ. श्रीमाथी ने 1958 में उस्मानिया यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस किया और बाद में स्त्री एवं प्रसूति रोग में एमडी की डिग्री हासिल की। करियर के पहले ही केस में उन्हें 13-14 साल की एक गर्भवती लड़की का सिजेरियन खुद करना पड़ा था, क्योंकि उस अस्पताल में कोई और डॉक्टर नहीं था। आज वे हैदराबाद स्थित अपने घर से ही प्राइवेट प्रैक्टिस करती हैं, ओपीडी की फीस सिर्फ 300 रुपये लेती हैं, और जो लोग फीस देने में सक्षम नहीं होते, उनसे कुछ नहीं लेतीं।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
Shakshi Chauhan is a college student with a strong passion for writing and creative expression. She enjoys turning her ideas into engaging, relatable stories… और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student with a strong passion for writing and creative expression. She enjoys turning her ideas into engaging, relatable stories and often writes about trending and thought-provoking topics. Through her work, she aims to connect with readers while continuously improving her skills as a writer.

Leave a Comment